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उपचुनाव: मंडी में जी 23 से जुडे़ चार नेताओं के जुटने से सियासी हलचल

मंडी (उत्तम हिन्दू न्यूज): मंडी संसदीय सीट के द्रंग विधानसभा हलके के टकोली में उपचुनाव के प्रचार के बहाने कांग्रेस के जी 23 से जुड़े चार नेता एक मंच पर जुट गए। बेशक यह संयोग हो, ले
उपचुनाव: मंडी में जी 23 से जुडे़ चार नेताओं के जुटने से सियासी हलचल

मंडी (उत्तम हिन्दू न्यूज): मंडी संसदीय सीट के द्रंग विधानसभा हलके के टकोली में उपचुनाव के प्रचार के बहाने कांग्रेस के जी 23 से जुड़े चार नेता एक मंच पर जुट गए। बेशक यह संयोग हो, लेकिन कांग्रेस में इससे अलग सियासी हलचल है। ये नेता हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंद्र सिंह हुड्डा, पूर्व केंद्रीय मंत्री आनंद शर्मा, हरियाणा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष कुलदीप शर्मा और हिमाचल प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष कौल सिंह ठाकुर हैं।

पिछले दो दिनों से इनमें सियासी मंत्रणाएं चल रही हैं। जी 23 ग्रुप के नेताओं ने सोनिया गांधी को चिट्ठी लिखकर संगठन में सक्रिय नेतृत्व और संगठन में व्यापक बदलाव की मांग की थी। इससे कांग्रेस के भीतर एक भूचाल आ गया था। इसका अर्थ यह निकाला जा रहा था कि इसे गांधी परिवार को चुनौती देने के रूप में लिखा गया था। सोनिया गांधी को उन्हीं के परिवार को चुनौती देने वाली चिट्ठी लिखने वाले नेताओं में हस्ताक्षर करने वाले हिमाचल प्रदेश के अकेले नेता कौल सिंह ठाकुर ही थे। हालांकि, कौल सिंह ने जी 23 नेताओं के समूह की ओर से हस्ताक्षरित चिट्ठी पर विवाद खड़ा होने के बाद उस वक्त कहा था कि उनसे हस्ताक्षर अनजाने में हो गए थे।

यह भी दिलचस्प है कि हुड्डा, आनंद शर्मा और कुलदीप शर्मा जैसे जी 23 से संबंधित नेताओं ने इकट्ठा चुनाव प्रचार करने के लिए इसी समूह से जुडे़ नेता कौल सिंह ठाकुर के हलके को ही चुना है। कुलदीप शर्मा मंडी लोकसभा सीट पर कांग्रेस के पर्यवेक्षक हैं तो उनका यहां होना स्वाभाविक है। जिस तरह से हुड्डा और आनंद का कौल सिंह के क्षेत्र का प्रचार कार्यक्रम बनाया गया है, उसमें उनकी विशेष भूमिका है। 

गुरुवार को हुड्डा और आनंद पहले भुंतर हवाई अड्डे पर लैंड करते हैं। उसके बाद रात को दोनों ही मनाली में ठहरते हैं। इनकी बड़ी रैली कौल सिंह ठाकुर के द्रंग हलके के टकोली में करना ही उचित समझा जाता है। राजनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार जी 23 से संबंधित माने जाने वाले इन नेताओं का एक साथ जुटना एक सामान्य घटना नहीं है। इस बीच इन नेताओं के बीच हुई चर्चा में बहुत कुछ बातें पकी हैं। इससे हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की अगली सियासत की नई दिशा के भी संकेत मिल रहे हैं।  

गुलाम नबी आजाद, कपिल सिब्बल, शशि थरूर, मनीष तिवारी, आनंद शर्मा, पीजे कुरियन, रेणुका चौधरी, मिलिंद देवड़ा, मुकुल वासनिक, जितिन प्रसाद, भूपिंद्र सिंह हुड्डा, राजिंदर कौर भट्टल, एम वीरप्पा मोइली, पृथ्वीराज चव्हाण, अजय सिंह, राज बब्बर, अरविंदर सिंह लवली, कौल सिंह ठाकुर, अखिलेश प्रसाद सिंह, कुलदीप शर्मा, योगानंद शास्त्री, संदीप दीक्षित और विवेक तन्खा जी 23 नेताओं में शामिल हैं।
 

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