GST का स्वरुप बिगाड़ कर मोदी सरकार ने किया असंगठित क्षेत्र पर प्रहार: राहुल गांधी

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने असंगठित क्षेत्र की बदहाली के लिए मोदी सरकार की नीतियों को जिम्मेदार ठहराते हुए उस कड़ा हमला किया और कहा कि वस्तु एवं सेवाकर (जीएसटी) के मूल स्वरूप को बदलकर असंगठित अर्थव्यवस्था को तबाह किया गया है। गांधी ने रविवार को यहां जारी वीडियो में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के निशाने पर असंगठित क्षेत्र की अर्थव्यवस्था है और इसे बर्बाद करने के लिए पहले नोटबन्दी की गई और फिर गलत जीएसटी लागू किया गया। असंगठित क्षेत्र पर जीएसटी मोदी सरकार का दूसरा बड़ा सुनियोजित आक्रमण रहा है।

उन्होंने कहा, जीएसटी कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार का आइडिया था। एक टैक्स, कम से कम टैक्स, साधारण और सरल टैक्स। भाजपा के नेतृत्व वाली राजग का जीएसटी बिल्कुल अलग है। चार अलग-अलग कर 28 प्रतिशत तक तक जटिल रूप में लागू कर दिए। कांग्रेस नेता ने सवाल किया कि यह चार अलग-अलग रेट क्यों है। उनका कहना है कि यह चार अलग-अलग रेट इसलिए है कि सरकार चाहती है कि जिसकी पहुंच हो, जीएसटी को आसानी से बदल पाए और जिसकी पहुंच ना हो वो जीएसटी के बारे में कुछ ना कर पाए। 

गांधी ने कहा कि चार अलग अलग तक व्यवस्था से छोटे कारोबारी परेशान है। वे तक ही नही भर पा रहे है और जो भर सकती है उन बड़े कारोबारियों की मदद की गई गयी है। जीएसटी को ठीक कराने की पहुंच सबसे बड़े 15-20 उद्योगपतियों की है। वे जो भी कानून बनाना चाहते हैं वे इस जीएसटी में आसानी से बदल सकते हैं। उन्होंने कहा कि राजग के जीएसटी का नतीजा है कि आज हिंदुस्तान की सरकार राज्यों को जीएसटी का पैसा ही नहीं दे पा रही है। राज्य सरकार के कर्मचारियों को वेतन नही मिल पा रहा है। यह जीएसटी फेल है और छोटे कारोबारियों तथा गरीबो पर आक्रमण है।

इस व्यवस्था को छोटे दुकानदार, छोटे कारोबारियों, किसान और मजदूरों पर हमला बताते हुए उन्होंने कहा, हमें इस आक्रमण को पहचानना पड़ेगा और मिलकर एक-साथ इसके खिलाफ हम सब को खड़ा होना पड़ेगा।