आशा अनुकूल बजट

देशवासियों ने वर्ष 2019-20 के अंतरिम बजट को लेकर जो आशाएं लगाई हुई थी मोदी सरकार द्वारा पेश अंतरिम बजट करीब-करीब उसी अनुसार है। किसान, जवान, मजदूर के साथ-साथ देश के मध्यम वर्ग को राहत देने वाला बजट माना जा सकता है। विपक्षी दल बेशक विरोध के लिए विरोध करते रहेंगे लेकिन वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए सरकार द्वारा पेश बजट एक अच्छा व जन साधारण को राहत देने वाला बजट ही कहा जाएगा। नोटबंदी और जीएसटी को लेकर सरकार को कटघरे में खड़ा करने वालों को समझ आ गया होगा कि सरकार द्वारा लिए गए उपरोक्त दोनों निर्णय राजनीतिक रूप से बेशक घातक हो सकते थे लेकिन राष्ट्र के हित में थे। यह बात आयकर दाताओं की 80 प्रतिशत संख्या बढऩे और 1 लाख 30 करोड़ रुपए आयकर बढऩे से स्पष्ट हो जाती है।

वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने अंतिरम बजट पेश करते हुये छोटे तथा सीमांत किसानों की मदद के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि बनाने की घोषणा की जिसके तहत दो हेक्टेयर तक की जोत वाले किसानों को सालाना छह हजार की मदद दी जायेगी। वित्त मंत्री अनुसार यह योजना गत एक दिसंबर से लागू मानी जायेगी। इसके तहत मदद की राशि सीधे किसानों के खाते में डीबीटी के जरिये जमा की जायेगी। इसका पूरा खर्च केंद्र सरकार उठायेगी। यह राशि दो-दो हजार की तीन बराबर किस्तों में दी जायेगी। पहली किस्त जल्द किसानों के खाते में भेज दी जायेगी। इससे करीब 12 करोड़ किसान परिवारों को लाभ मिलेगा। इससे सरकारी खजाने पर सालाना करीब 75 हजार करोड़ रुपये का बोझ आयेगा। मंत्री गोयल ने बताया कि सरकार ने किसानों की आमदनी वर्ष 2022 तक दुगुनी करने के लिए कई उपाय किये हैं। उसने 22 फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य लागत का डेढ़ गुना किया है। इसके बावजूद खाद्य मुद्रास्फीति की दर कम रहने से किसानों की आमदनी में अपेक्षित वृद्धि नहीं हुई है। इसे देखते हुये छोटे तथा सीमांत किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए इस निधि की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि इसके अलावा किसानों के लिए फसली ऋण पर ब्याज में छूट की सीमा भी दुगुनी की जायेगी। किसानों को बैंकों द्वारा दिया गया ऋण बढ़कर 11,68,000 करोड़ रुपये हो गया है। वित्त मंत्री ने प्राकृतिक आपदा प्रभावित किसानों को कृषि ऋण पर ब्याज में दो प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की। समय पर किस्त का भुगतान करने वाले किसानों को ब्याज में अतिरिक्त तीन प्रतिशत की छूट दी जायेगी। इस प्रकार अधिकतम छूट पांच प्रतिशत होगी। वित्त मंत्री ने नौकरीपेशा लोगों को भारी राहत देते हुये कहा कि पांच लाख रुपये तक की आय पर कर नहीं लगेगा और 6.5 लाख रुपये तक की वार्षिक आय वाले नोकरीपेशा लोगों को कोई कर नहीं देना होगा। उनकी इस घोषणा पर सदन में हर्ष की लहर दौड़ गयी तथा कई मिनट तक सदन तालियों की गडग़ड़ाहट और मोदी-मोदी के नारों से गूंजता रहा। उन्होंने 40 हजार रुपये तक के ब्याज पर टीडीएस नहीं काटने की भी घोषणा की जो अभी दस हजार रुपये ब्याज पर लागू है। श्री गोयल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि चालू वित्त वर्ष से ही प्रभावी हो रहा है और इसके लिए चालू वर्ष में 20 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने करोड़ों को रोजगार देने वाले एमएसएमई सेक्टर को सशक्त करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए है। इस क्षेत्र के लिए हाल ही में सिर्फ 59 मिनट में एक करोड़ तक का ऋण स्वीकृत करने की योजना शुरु की गई है। उन्होंने अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुये कहा कि अगले पांच वर्षों में भारत की अर्थव्यवस्था पांच लाख करोड़ डॉलर की और अगले आठ वर्षों में यह 10 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था हो जायेगी। उन्होंने कहा कि नोटबंदी एवं कालेधन पर रोक के लिए किये गये उपायों से 1.30 लाख करोड़ रुपये का पता चला है। नोटबंदी के बाद आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या में भारी बढोतरी हुयी है। वर्ष 2017-18 में 1.06 करोड़ करदाता बढ़े और एक करोड़ से अधिक लोगों ने पहली बार रिटर्न भरा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने वन रैंक वन पेंशन के तहत पिछले वर्षों में जवानों के लिए 35 हजार करोड़ रुपये दिए हैं। गोयल ने कहा कि बैंकों और डाक घरों में जमा पर मिलने वाले 10 हजार रुपये के ब्याज पर अभी टीडीएस कटौती की जाती है जिसे बढ़ाकर अब 40 हजार रुपये किया जा रहा है।  उन्होंने कहा कि अभी 1.80 लाख रुपये तक की वार्षिक आवास किराया आय पर कर लगता है जिसे अब बढ़ाकर 2.40 लाख रुपये कर दिया गया है। नये आवास खरीदने वालों को राहत देते हुये उन्होंने कहा कि आयकर की धारा 80 (आई) बीए के तहत आवास ऋण पर मिलने वाली छूट को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है। रोलओवर कैपिटल लाभ अब एक आवासीय संपत्ति की बजाय दो आवासीय संपत्ति पर निवेश तक मिलेगा। इसके तहत दो करोड़ रुपये तक की पूँजीगत लाभ इसके दायरे में आयेगा। किसी भी करदाता को पूरे जीवन में एक बार ही इसका लाभ मिलेगा। 

उपरोक्त बजट से दो बातें स्पष्ट हो रही हैं कि एक तो देश आर्थिक रूप से विश्व के विकसित देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने की स्थिति में आ गया है। दूसरा सैन्य दृष्टि से देश अब विश्व के पहले पांचों देशों में एक है और सेना के आधुनिकीकरण से अब देश सैनिक दृष्टि से और मजबूत हो रहा है। अब देश को चुनौती देने वालों को मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा। जन साधारण को आयकर की छूट बढ़ाकर राहत दी गई है। उससे कर्मचारी और छोटे व्यापारी से लेकर सबको लाभ होगा। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि अंतरिम बजट में जो वर्तमान सरकार का अंतिम बजट है उसमें देश व देशवासियों के हित को सुरक्षित रखते हुए सभी आवश्यक कदम उठाए गए हैं। बजट की मुख्य विशेषताएं इस प्रकार हैं-

• इनकम टैक्स के स्लैब में बदलाव किया गया है। अब पांच लाख तक की आय पर कोई टैक्स नहीं लगेगा। इससे लगभग तीन करोड़ करदाताओं को फायदे का अनुमान है। • 2 हेक्टेयर तक जमीन वाले किसानों के खाते में हर साल 6 हजार रुपये, 12 करोड़ किसान परिवारों को मिलेगा लाभ। • आपदा पीडि़त किसानों को ब्याज में 5 फीसदी तक की छूट।  • असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए प्रधानमंत्री श्रमयोगी मानधन योजना का एलान, हर महीने 3 हजार की पेंशन मिलेगी।            • मनरेगा के लिए 60 हजार करोड़ के आवंटन का एलान। • ग्रेच्युटी की सीमा 10 लाख से बढ़ाकर 30 लाख रुपए की गई।  • उज्ज्वला योजना के तहत 8 करोड़ फ्री एलपीजी कनेक्शन। • रक्षा बजट पहली बार 3 लाख करोड़ के पार। • पांच साल में एक लाख डिजिटल गांव।   • फिल्म निर्माताओं के लिए एकल खिड़की को मंजूरी दी गई। • यदि 6.5 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले प्रोविडेंट फंड और अन्य इक्विटीज में निवेश करते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा • 2019-20 में वित्तीय घाटा जीडीपी के 3.4 फीसदी रहने का अनुमान • अगले 5 साल में भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर की होगी और हम अगले 8 साल में इसे बढ़ाकर 8 ट्रिलियन डॉलर करना चाहते हैं: पीयूष गोयल • नोटबंदी के बाद 1 करोड़ लोगों ने पहली बार टैक्स फाइल किया  • जीएसटी में लगातार कमी से उपभोक्ताओं को 80 हजार करोड़ रुपये की राहत, दैनिक उपभोग की अधिकतर वस्तुएं पर अब महज 0 से 5 फीसदी टैक्स • छोटे उद्योगपतियों की भी ली सुध, 1 करोड़ रुपये तक के कर्ज पर 2 फीसदी ब्याज सब्सिडी। • पीयूष गोयल ने घोषणा की कि सरकार ने स्टैंडर्ड डिडक्शन को 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 50 हजार रुपये कर दिया है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि यदि 6.5 लाख रुपये तक की कमाई करने वाले प्रोविडेंट फंड और अन्य इक्विटीज में निवेश करते हैं तो कोई टैक्स नहीं देना होगा। • मछली पालन के लिए बनेगा अलग विभाग, क्रेडिट कार्ड के कर्ज पर ब्याज में छूट। मोदी सरकार द्वारा पेश बजट आम आदमी की आशानुकूल और राहत देने वाला है।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।