बीजेपी पर चहेतों को नौकरियां बांटने का आरोप, एसएफआई ने खोला मोर्चा

शिमला (ऊषा शर्मा): छात्र संगठन एसएफआई ने केंद्रीय विश्वविद्यालय, प्रदेश विवि शिमला व हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में की जा रही शिक्षकों व गैर शिक्षकों की भर्तियों में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर शनिवार को राजधानी शिमला में उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। एसएफआई राज्य सचिव अमित ठाकुर ने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय व प्रदेश विश्वविद्यालय में हो रही शिक्षकों की भर्तियां सवालों के घेरे में है क्योंकि आरक्षण को लेकर बनाए गए संवेधानिक नियमो को इन भर्तियों में दरकिनार किया गया है। कुछ विभागों में या तो सारी सीटें आरक्षित रखी गई है या फिर सारी सीटें अनारक्षित की गई है जिससे साफ झलकता है कि इन विभागों में अपने चहेतों को भर्ती करने के लिए पहले ही चयनित किया गया है। इसके अलावा साक्षात्कार महज औपचारिकता के लिए आयोजित किए जा रहे है।

एसएफआई ने प्रदेश सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि केंद्र व प्रदेश सरकार विश्वविद्यालयों में अपने चहेतों को भर्ती कर रही है तथा इन भर्तियों के लिए जो स्क्रूटिनी कमेटी भी गठित की गई है वो भी संशय पैदा करने वाली है क्योंकि इन कमेटियों में विश्वविद्यालय के विभाग प्रमुख व वरिष्ठ प्राध्यापकों  को नजरअंदाज कर विश्वविद्यालय के बाहर से लोगो को रखा गया है जो कि  यूजीसी के नियम व निर्देशों के खिलाफ है। एसएफआई का कहना है कि यह सब इसीलिए हो रहा है ताकि भाजपा समर्थित अयोग्य लोगों को भर्ती किया जा सकें। उन्होंने विश्वविद्यालयों में इन भर्तियों की निष्पक्ष न्यायिक जांच करवाने की मांग की है। एसएफआई ने प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को चेताया कि अगर आने वाले समय में इन धांधलियों की न्यायिक जांच की जाए अगर इन धांधलियों की न्यायिक जांच नहीं कि गई तो आने वाले समय मे एसएफआई प्रदेश के छात्र समुदाय की लामबद्ध करते हुए एक प्रदेशव्यापी आंदोलन के अंदर जाएंगे जिसका जिम्मेदार प्रदेश सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन होगा।