JEE Mains परीक्षा में हुआ बड़ा बदलाव, अब ऐसे बनेगी मेरिट लिस्ट

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)- इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग (IIT) आदि इंजीनियरिंग कॉलेजों में दाखिले के लिए होने वाले ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जाम- मेन (JEE-Main) की परीक्षा में बड़ा बदलाव किया गया है। अब JEE Main की मेरिट लिस्ट पर्सेंटेज पर नहीं, बल्कि पर्सेंटाइल के आधार पर तैयार की जाएगी। यह नियम साल 2019 से शुरू हो जाएगा।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) इंजीनियरिंग संस्थानों में दाखिले की प्रक्रिया में कई बदलाव किए हैं। अब NTA ने IITs के लिए स्कोर और फाइनल मेरिट लिस्ट बनाने के तरीके को बदल दिया है। अगले साल से जो मेरिट लिस्ट तैयार होगी वह पर्सेंटेज आधारित ना होकर पर्सेंटाइल आधारित होगी। इस बारे में HRD मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि मेरिट लिस्ट तैयार करने की इस प्रणाली को फाइनल करने से पहले आईआईटी रुरकी, कानपुर, दिल्ली, गुवाहाटी, IIM लखनऊ, NITs, UGC, IASRI (पूसा) और AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञों के साथ विमर्श किया गया और इन विशेषज्ञों द्वारा फाइनल करने के बाद पर्सेंटाइल प्रणाली को तय किया गया। 

जेईई-मुख्य परीक्षा उम्मीदवारों के लिए 2019 से कंप्यूटर आधारित परीक्षा प्रणाली के आधार पर पेश की गई है। जेईई (मुख्य) को पार करने वाले उम्मीदवार आईआईटी में प्रवेश के लिए जेईई (एडवांस्ड) के लिए बैठ सकते हैं। 

2019 के बाद से, जनवरी और अप्रैल चक्रों के दौरान जेईई-मुख्य परीक्षा के उम्मीदवारों के पास दो बार परीक्षण करने का विकल्प होगा। प्रत्येक टेस्ट चक्र 14 दिन में कई सत्रों के साथ आयोजित होंगे। एनटीए अधिकारी ने प्रारूप को समझाया, "उम्मीदवारों को प्रति सत्र प्रश्नों के विभिन्न सेट मिलेंगे और हालांकि विभिन्न प्रश्न पत्रों के बीच समानता बनाए रखने के प्रयास किए जाएंगे, अलग-अलग सत्रों में प्रश्न पत्रों कठिन और आसान दोनों प्रकार के होते हैं। "इसलिए धोखाधड़ी और हेरफेर की संभावनाएं कम हैं।

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