भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सोनीपत से भरा नामांकन पत्र

सोनीपत (उत्तम हिन्दू न्यूज): हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने समर्थकों की भारी भीड़ के साथ मंगलवार को लघु सचिवालय पहुंचकर सोनीपत लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी के तौर पर नामांकन पत्र दाखिल किया। उनकी पत्नी आशा हुड्डा ने भी अपना नामांकन पत्र भर है ताकि जरुरत पडऩे पर वह चुनाव लड़ सकें। हुड्डा ने नामांकन पत्र से पूर्व लघु सचिवालय के बाहर जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पर हमला बोलते हुए कहा कि आरक्षण में हरियाणा को जलाने वाले खुद ही बेनकाब हो गए हैं।
 

उन्होंने कहा अब खट्टर के माफी मांगने से जनता उन्हें माफ करने वाली नहीं है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि कुरूक्षेत्र में हरियाणा के मुख्यमंत्री ने माफी मांगते हुए स्वीकार किया है कि सांसद राजकुमार सैनी ने भाईचारा बिगाड़ा और जिसे वह रोक नहीं पाए। इस दौरान हुड्डा ने सोनीपत की जनता से अपील करते हुए कहा कि अगर वह भी उनका भला नहीं कर सकते, तो कोई इस क्षेत्र का भला भी नहीं कर सकता है। उन्होंने कहा कि वह सोनीपत में कोई राजनीति करने नहीं आए हैं बल्कि इस इलाके से उनका पारिवारिक और सामाजिक नाता है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगली बार पांच माह बाद चंडीगढ़ का रास्ता वाया सोनीपत होकर जाएगा। उन्होंने कहा मतदान के समय इस बात का विशेष ध्यान रखना है। उन्होंने कहा कि थारा साथ रहा, तो बाकी सब मैं देख लूंगा। हुड्डा के नामांकन पत्र दाखिल करने के दौरान कार्यकर्ताओं का जोश और उत्साह देखने लायक था। चिलचिलाती धूप में हजारों समर्थक सड़क पर डटे रहे। लोगों का हुजूम संभालने में पुलिस को भी पसीने छूट गए और गोहाना-सोनीपत मार्ग पर लंबा जाम लगा रहा। इस अवसर पर कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष फूल चंद मुलाना, धर्मपाल मलिक, पूर्व मंत्री कर्ण सिंह दलाल, सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक गीता भुक्कल, विधायक जगबीर मलिक, विधायक जयबीर बाल्मीकि, विधायक श्रीकृष्ण हुड्डा, विधायक जयतीर्थ दहिया, विधायक आनंद सिंह दांगी, विधायक रघुबीर सिंह कादियान, विधायक शकुंतला खटक, प्रो.वीरेंद्र सिंह व रवि परूथी आदि मौजूद रहे। इसके अलावा जननायक जनता पार्टी के उम्मीवार दिग्विजय चौटाला ने भी अपना नामांकन दाखिल किया। उनके साथ अजय चौटाला एवं भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे। श्री चौटाला ने चुनाव अधिकारी के कार्यालय में अपना नामांकन दाखिल किया और उनके कार्यकर्ता बाहर खड़े होकर पार्टी एवं उनके समर्थन में नारेबाजी करते रहे। चुनावी दस्तावेज पूरे न होने पर सांसद राजकुमार सैनी नामांकन पत्र नहीं भर सके।