बीबीएन का नगर निगम बनना लगभग फाइनल

10:51 AM Aug 13, 2020 |

- इस मुद्दे पर दून मंडल पूरी तरह से खामोश, सरकार के इतने बड़े तोहफे का स्वागत तक नहीं किया 

- विरोधियों को मिल गया मुद्दा कि दून बीजेपी स्थिति स्पष्ट करे

- दैनिक उतम हिन्दू ने सबसे पहले छापी थी खबर

- सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में अधिकारियों से मांगी गई रिर्पोट

बद्दी (किशोर ठाकुर): 11 अगस्त को शिमला में हुई कैबिनेट मीटिंग में प्रदेश सरकार ने मंडी, सोलन व बीबीएन को नगर निगम बनाने की प्रक्रिया पर चर्चा की और कहा कि अगर मापदंड पूरे हुए तो इन तीनों शहरों को नगर निगम का दर्जा दे दिया जाएगा। यानि बीबीएन को जयराम ठाकुर इतना बड़ा तोहफा देने की सोच रही है लेकिन उसके स्वागत के लिए दून मंडल के हल्क सूख गए। 6 अगस्त को सरकार ने डीसी से इस क्षेत्र का क्षेत्र फल आबादी व अन्य दस्तावेज मांगे थे उस दिन से लेकर आज बद्दी शहर का हरेक आदमी इसका स्वागत कर रहा है लेकिन दून मंडल अभी भी इस मुद्दे पर चुप्पी साधकर एक प्रकार से विपक्ष का ही साथ दे रहा है। कहते हैं कि मंडल ने चुनाव न लडक़े सरकार की ढाल बनना होता है लेकिन इतने बड़े तोहफे को लेकर आज तक एक बयान तक जारी नहीं किया।

जयराम सरकार को जरुरत थी कि दून मंडल गाजे-बाजे से वक्त की जरुरत व लोगों की जरुरतों की अहमियत समझने के लिए इस मुद्दे का स्वागत करे लेकिन उन्होंने तो मानो होंठ सिल लिए हों। हालांकि नालागढ़ के वरिष्ठ नेता व जिला मीडीया प्रभारी हरबंस पटियाल ने सीएम के निर्णय को खुला समर्थन देकर इस निर्णय को एतिहासिक करार दे दिया है वहीं दून के नेता अभी भी गफलत में है और अपरोक्ष रुप से कांग्रेस को उनका बल मिल रहा है। दून के सबसे वरिष्ठ नेता डा श्रीकांत शर्मा इस मुद्दे पर एक दर्जन सामाजिक संस्थाओं के साथ मिलकर अपना समर्थन दे चुके हैं और कह चुके हैं कि यह सीएम जयराम ठाकुर व शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज का एतिहासिक फैसला है जो कि उन्होने दिया हैं। 

जयराम ठाकुर के निर्णयों का साथ क्यों नहीं दे रहे
वहीं दूसरी ओर अब सवाल यह उठ रहे कि दून मंडल जो कि हर छोटी-बड़ी जयंती, पुण्यतिथि व नेताओं के जन्म दिन खूब धूमधाम से मनाता है तो अब जयराम ठाकुर के निर्णयों का साथ क्यों नहीं दे रहे। क्या उनका फर्ज नहीं बनता था कि इतने बडे तोहफे की प्रक्रिया शुरु होने पर ढोल नगाडों से सीएम के निर्णय को सराहते ताकि यहां पर भी चंडीगढ़, पंचकूला व करनाल नगर निगमों की तर्ज पर विकास की गंगा बहती। 

मंडल की खामोशी से टूटती नजर आ रही ढाल
कांग्रेस नेता पूर्व विधायक रामकुमार चौधरी व्यक्तिगत तौर पर समर्थन करते हैं लेकिन पार्टी स्तर पर नेता व हर कार्यकर्ता विपक्ष के नाते नगर निगम के विरोध में उतर आया है उपर से मंडल की खामोशी से जो ढाल सीएम व पार्टी को मिलनी थी वो कहीं टूटती नजर आ रही है। कल को जब मंडल कभी सीएम से कोई डिमांड लेने शिमला जाएगा तो सीएम इस बात को जरुर गौर करेंगे कि जब हम इतना बड़ा तोहफा दे रहे थे तो आपकी कलम में स्याही क्यों सूख गई थी। न तो बयान न सरकार के निर्णयों का समर्थन जिससे वो सब गुड गोबर होता नजर आ रहा है जिनके लिए यह सब एतिहासिक काम किया जा रहा है। 

आज दून मंडल की जरुरत सरकार व संगठन को 
राजनीतिक विशलेषकों का कहना है कि सिर्फ जन्म दिन, मरण दिन या कोई पुण्य तिथि पर हार चढ़ाने से ज्यादा आज दून मंडल की जरुरत सरकार व संगठन को है लेकिन न जाने यह लोग किसी चक्कर में पडकर कांग्रेस को अपरोक्ष रुप से समर्थन दे रहे हैं। कांग्रेस नेता प्रदेश युवा कांग्रेस सचिव प्रदीप धीमान पहले ही बीजेपी दून से सवाल कर चुकी है कि वह प्रस्तावित नगर निगम बारे अपना स्टैंड करे लेकिन वो चुप है। मीडीया को भी दून मंडल ने कोई बयान जारी नहीं किया। आज तक न तो विधायक ने, न ही वाईस चेयर मैन जलबोर्ड व न ही गौवंश बोर्ड उपाध्यक्ष ने इस निर्णय के संबध में सीएम के निर्णय में कोई बयान नहीं दिया।