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पंजाब से साल 2030 तक हेपेटाईटस सी को ख़त्म कर दिया जाएगा: बलबीर सिंह सिद्धू

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब में से साल 20३0 तक हैपेटाईटस-सी को ख़त्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अगस्त 2021 से है
पंजाब से साल 2030 तक हेपेटाईटस सी को ख़त्म कर दिया जाएगा: बलबीर सिंह सिद्धू

चंडीगढ़ (उत्तम हिन्दू न्यूज): पंजाब में से साल 20३0 तक हैपेटाईटस-सी को ख़त्म करने के उद्देश्य से स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू ने अगस्त 2021 से हैपेटाईटस का इलाज 41 सब डिवीजऩल अस्पताल और 6 ई.एस.आई अस्पतालों द्वारा शुरू करने का ऐलान किया है। उन्होंने आगे बताया कि 2३ जिलों में कुल 114 उपचार केंद्र होंगे जिससे मरीज़ अपने घरों के नज़दीक ही हैपेटाईटस सी के इलाज सम्बन्धी सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। विश्व हैपेटाईटस दिवस के अवसर पर यह जानकारी देते हुए सिद्धू ने कहा कि महामारी दौरान भी पंजाब सरकार ने जनवरी 2020 से जुलाई 2021 तक हैपेटाईटस सी वायरस के लगभग 18,000 मरीज़ों का इलाज किया। हालांकि, इस प्रोग्राम का विस्तार 9 केंद्रीय जेलों के कैदियों के लिए भी किया गया जिससे इन सभी उच्च  जोखिम वाले मामलों को हैपेटाईटस सी के इलाज के लिए कहीं और जाना न पड़े। स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार ने सभी गर्भवती महिलाओं की हैपेटाईटस बी और सी के लिए मुफ़्त जांच करवाने के लिए योजना भी बनायी है। उन्होंने कहा कि इस मंतव्य के लिए पंजाब सरकार की तरफ से रैपिड टैस्ट किटों की खरीद की जा रही है और सभी पॉजि़टिव गर्भवती महिलाओं के जल्द स्वस्थ होने के लिए उनको नज़दीकी उपचार केंद्र में मुफ़्त इलाज मुहैया करवाया जायेगा जो उनके नवजात बच्चों के लिए भी स्वास्थ्य सुरक्षा यकीनी बनाएगा। सिद्धू ने बताया कि रा’ये में कोविड-19 महामारी दौरान टेस्टिंग और उपचार संबंधी सेवाओं को बंद नहीं किया गया और स्वास्थ्य विभाग की तरफ से उपचार केन्द्रों की संख्या 25 से बढ़ाकर 67 कर दी गई जिससे हर मरीज़ के लिए हैपेटाईटस सी के उपचार को उपलब्ध करवाया जा सके। एचआईवी पॉजि़टिव मामलों में हैपेटाइटिस सी का उपचार 17 एआरटी केन्द्रों और आई.वी.डी.यू. (इंटरावेनस ड्रग यूजर्स) के दरमियान हैपेटाईटस सी वायरस के प्रबंधन के लिए 14 ओएसटी केन्द्रों में उपचार शुरू किया गया। उन्होंने आगे कहा कि मानक स्वास्थ्य देखभाल सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब सरकार की तरफ से 22 जून 2021 को हैपेटाईटस बी का मुफ़्त वायरल लोड टेस्ट भी शुरू किया गया।


उन्होंने कहा कि पिछले 5 सालों के दौरान रा’यभर में 2 लाख व्यक्तियों की हैपेटाईटस सी के लिए जांच की गई और अब तक 97,000 मरीज़ों को हैपेटाईटस सी के लिए मुफ़्त उपचार मुहैया किया गया। रा’यभर में हैपेटाईटस सी के मरीज़ों की उपचार दर 9३ फ़ीसदी है। स्वास्थ्य मंत्री ने इस मौके पर हैपेटाईटस सी और बी की रोकथाम के लिए पोस्टर और हैपेटाईटस सी के प्रबंधन में पंजाब सरकार की तरफ से 5 सालों दौरान किये कामों बारे एक पुस्तिका भी जारी की।  उन्होंने बताया कि रा’य से हैपेटाईटस बी और सी के गंभीर मामलों के प्रबंधन के लिए उनको पीजीआई चंडीगढ़ रैफर किया जा रहा है और उनको हैपेटाईटस बी और सी का मुफ़्त उपचार मुहैया करवाया जा रहा है। पीजीआई में हैपेटाईटस बी और सी के प्रबंधन के लिए दवाएँ स्वास्थ्य और परिवार क्ल्याण विभाग की तरफ से मुहैया करवाई जाएंगी। विश्व हैपेटाईटस दिवस के अवसर पर इस प्रोग्राम में आलोक शेखर पी.एस.एच.एफ.डब्ल्यू, हैपटोलॉजी पीजीआई के प्रोफ़ैसर और प्रमुख डॉ. वरिन्दर सिंह, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के डायरेक्टर डॉ. गुरिन्दर बीर सिंह और स्टेट प्रोग्राम अफ़सर एन.वी.एच.सी.पी. डॉ. गगनदीप सिंह ग्रोवर शामिल हुए।
 

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