अटॉर्नी जनरल ने पूर्व CJI गोगोई के खिलाफ अवमानना ​​मामले में सहमति देने से किया इन्कार

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): अटॉर्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ अवमानना ​​मामले में सहमति देने से शनिवार को इन्कार कर दिया। पूर्व न्यायाधीश गोगोई ने हाल ही में एक साक्षात्कार के दौरान न्यायपालिका को लेकर टिपण्णी की थी। एक्टिविस्ट साकेत गोखले ने गोगोई की इण्डिया टुडे के साथ 12 फरवरी को साक्षात्कार के दौरान न्यायपालिका को लेकर की गई टिप्पणी को अपमानजनक और न्यायतंत्र की गरिमा को कम करने की कोशिश करने वाली बताते हुए याचिका दायर की थी जिस पर अटॉर्नी जनरल ने अपनी सहमति देने से मना कर दिया है।

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि इस तरह की टिपण्णी न्यायतंत्र के फायदे के लिए है और उनकी इस टिप्पणी ने किसी भी तरीके से उच्चतम न्यायालय की गरिमा को कम नहीं किया है। गोगोई ने अपने साक्षात्कार में कहा था, “आप पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था चाहते हैं लेकिन आपकी न्यायपालिका की हालत ठीक नहीं है।”

राज्य सभा सांसद गोगोई ने साक्षात्कार में इसके अलावा कहा था कि केवल कॉरपोरेट ही लाखों रुपए लेकर सुप्रीम कोर्ट जाने का खतरा उठाते रहते हैं तथा न्यायिक प्रणाली एक से अधिक कारणों से काम नहीं करती रही है। दुर्भाग्य से ऐसे कई न्यायाधीश हैं, जो मीडिया में की गई आलोचना के शिकार हैं।