एशियाई कुश्ती चैम्पियनशिप 2020: दिव्या, पिंकी और सरिता ने रचा स्वर्णिम इतिहास

08:44 PM Feb 20, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारतीय महिला पहलवानों ने सीनियर एशियाई कुश्ती चैंपियनशिप में गुरुवार को स्वर्णिम इतिहास रच दिया। दिव्या काकरान (68 किग्रा) सरिता (59 किग्रा) और पिंकी (55 किग्रा) ने यहां इंदिरा गांधी स्टेडियम के केडी जाधव कुश्ती हाल में चल रही इस प्रतियोगिता के तीसरे दिन मेजबान भारत को ऐतिहासिक स्वर्णिम कामयाबी दिला दी जबकि निर्मला ने रजत पदक जीता।

भारतीय महिला पहलवानों ने महिला कुश्ती के पहले दिन चार पदक हासिल किये जिससे मेजबान देश के कुल पदकों की संख्या नौ पहुंच गयी है। इन पदकों में ग्रीकों रोमन के एक स्वर्ण और चार कांस्य तथा महिलाओं के तीन स्वर्ण और एक रजत पदक शामिल है। दिव्या ने 68 किग्रा वर्ग के फाइनल में जापानी खिलाड़ी नारुहा मत्सुयुकी को 6-4 से मात देते हुये स्वर्ण पदक अपने नाम किया। दिव्या के वर्ग में कुल पांच पहलवान होने के कारण राउंड रोबिन सिस्टम का सहारा लिया गया जिसमें हर पहलवान को दूसरे पहलवान से भिड़ना होता है। दिव्या ने अपने चारों मुकाबले जीते और स्वर्ण पदक की हकदार बनीं। दिव्या ने अपने पहले राउंड में कजाकिस्तान की अल्बिना कैरगेल्डिनोवा को 6-0, दूसरे राउंड में मंगोलिया की पहलवान देलगेरमा एनखसाईखान को 11-2, तीसरे राउंड में उज्बेकिस्तान की अजोदा एस्बेजेनोवा को 8-0 और फाइनल में जापान की नारुहा मत्सुयुकी को 6-4 से मात देते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया।

पिंकी ने 55 किग्रा वर्ग के फ़ाइनल में मंगोलिया की दुलगुन बोलोरमा को एक रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने सेमीफाइनल मुकाबले में कजाकिस्तान की मरीना जुएवा को 6-0 से मात दी। पिंकी ने पहले राउंड में उज्बेकिस्तान की शोखिदा को 12-4 से हराया जबकि तीसरे राउंड में उन्हें जापान की काना हीगाशिकावा से हार का सामना करना पड़ा था।

सरिता ने 59 किग्रा वर्ग के सेमीफाइनल मुकाबले में जापान की युमी कोना को 10-3 से मात देते हुए फ़ाइनल में प्रवेश किया। जहां उन्होंने मंगोलिया की दुलगुन बोलोरमा को एक रोमांचक मुकाबले में 2-1 से हराते हुए स्वर्ण पदक देश की झोली में डाला। भारतीय महिला पहलवान निर्मला देवी हालांकि 50 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक नहीं जीत सकी और उन्हें जापान की मिहो इगरशी ने 3-2 से हार कर रजत पदक से संतोष करना पड़ा।