मरे हुए बच्चे को आशावर्कर ने इस तरह किया जिंदा, किस्सा सुनकर PM मोदी भी रह गए हैरान

नई दिल्ली(उत्तम हिन्दू न्यूज)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज देशभर के एएनएम, आशा और आंगनवाड़ी कर्मियों के साथ वीडियो कॉफ्रेंस के जरिए बातचीत की। इस दौरान उन्होंने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की बाते सुनी और उनकी तारीफ की। 

पीएम ने कहा कि इस देश का प्रधानमंत्री कह सकता है कि उसके लाख बाहू हैं और ये आप सब हैं। मोदी ने कहा, 'सरकार का ध्यान पोषण और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने पर है। टीकाकरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है। इससे महिलाओं और बच्चों को खासी मदद मिलेगी। मुझे ख़ुशी है आप सभी देश के भविष्य को मज़बूत करने में बहुत ही महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे है, देश की हर माता हर शिशु के सुरक्षा घेरे को मज़बूत करने का ज़िम्मा आपने अपने कंधो पर उठाया है। मिशन इंद्रधनुष के तहत देश में टीकाकरण अभियान को पिछड़े इलाकों में नन्हे बच्चों तक पहुँचने का लक्ष्य तय किया है और देश में 3 करोड़ बच्चों और 85 लाख गर्भवती महिलाओं का टीकाकरण करवाया है।

लाइव बातचीत के दौरान एक आशावर्कर ने मोदी के साथ एक किस्सा शेयर किया।  झारखंड के सरायकेला के उर्माल की रहनेवाली आंगनवाड़ी कार्यकर्ता मनीता देवी ने बताया कि उर्माल इलाके में रहने वाली मनीषा देवी का प्रसव पूर्व सारी जांच की थी। 27 जुलाई 2018 को रात दो बजे उसे मनीषा के प्रसव पीड़ा के बारे में बताया गया। जबतक मनीता मनीषा के घर पहुंचती तबतक उनका प्रसव हो चुका था। प्रसव के बाद बच्चा रो नहीं रहा था। घरवाले बोल रहे थे कि बच्चा मरा हुआ है। तब मैं उनके घर पहुंची और घरवालों को बच्चा दिखाने के लिए कहा। मनीषा के घरवाले बोले कि तुम बच्चा देखकर क्या करोगी। काफी जिद करने के बाद उन्होंने बच्चा मेरी गोद में दिया। मनीता ने देखा कि बच्चे की धड़कन चल रही है। फिर मनीता ने जल्द ही एक पाइप के जरिए बच्चे के नाक और मुंह से पानी निकाला और इसके तुरंत बाद बच्चा रोने लगा। फिर बच्चे और उसकी मां को अस्पताल ले जाया गया, जहां जच्चा और बच्चा दोनों ठीक है। मनीला की ये बात सुनने के बाद पीएम मोदी ने जोर जोर से ताली बजाई और उसकी तारीफ की। इसके बाद मनीता ने पीएम मोदी को उस बच्चे और उसकी मां को भी दिखाया। 

मोदी ने साथ ही कहा, 'मैं देश के उन हजारों-लाखों डॉक्टरों का भी आभार व्यक्त करना चाहूंगा, जो बिना कोई फीस लिए, गर्भवती महिलाओं की जांच कर रहे हैं। मोदी ने कहा, 'पहले जन्म के 42 दिन तक आशा वर्कर को 6 बार बच्चे के घर जाना होता था। अब 15 महीने तक 11 बार आपको बच्चे का हालचाल जानना ज़रूरी है। मुझे विश्वास है कि आपके स्नेह और अपनेपन से एक से एक बेहतरीन नागरिक देश को मिलेंगे।'