श्रावण मास शुरू होते ही काशी में लगा शिव भक्तों का तांता

वाराणसी (उत्तम हिन्दू न्यूज): भगवान शिव के प्रिय मास श्रावण के पहले दिन से ही उत्तर प्रदेश की धार्मिक वाराणसी में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। चंद्रग्रहण के बाद गंगा स्नान कर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने श्री काशी विश्वनाथ मंदिर समेत तमाम शिवालायों में दर्शन-पूजन किया।

बुधवार तड़के साढ़े चार बजे चंद्रग्रहण समाप्त होते ही गंगा स्नान करने वालों की भारी भीड़ घाटों पर उमड़ पड़ी। ऐतिहासिक दशाश्वमेध घाट, शितला घाट एवं असि समेत अनेक घाटों पर पहले से मौजूद श्रद्धालुओं ने स्नान के बाद श्री काशी विश्वनाथ समेत अन्य मंदिरों में देवी-देवताओं के दर्शन के लिए रुख किया। दशाश्वमेध घाट एवं शितला घाट पर चंद्रग्रहण देखने के लिए बड़ी संख्या में रातभर लोग जमे रहे। 

चंद्रग्रहण बुधवार रात एक बजकर 31 मिनट शुरू हुआ था। इससे नौ घंटे पहले सूतक काल शुरू होने के कारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर को छोड़कर अधिकांश मंदिरों के कपाट मंगलवार साढ़े चार बजे या उससे पहले बंद कर दिया गये थे। इस वजह से बहुत से श्रद्धालु देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन नहीं कर पाये थे। ऐसे लोग तड़के साढ़े चार बजे से पहले मंदिरों के बाहर कतारों में खड़े अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। 

सुबह करीब पौने पांच बजे मंदिरों के कपाट खुलते ही दूर-दूर से आये लोगों ने देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन किये। चंद्रग्रहण के कारण श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने वालों की संख्या सावन के प्रथम दिन गत वर्ष की अपेक्षा अधिक श्रद्धालु नजर आये।