सिंधी लेखक वासदेव मोही को सरस्वती सम्मान देने की घोषणा

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): सिंधी के प्रसिद्ध लेखक वासदेव मोही को इस साल 29वें सरस्वती सम्मान दिये जाने की घोषणा की गयी है। के. के. बिरला फाउंडेशन द्वारा हर साल दिया जाने वाला यह प्रतिष्ठित पुरस्कार मोही को उनके कहानी संग्रह ‘चेक बुक’ के लिए दिया जाएगा। उन्हें पुरस्कार में 15 लाख रुपये की राशि, प्रशस्ति पत्र, प्रतीक चिह्न आदि प्रदान किये जाएंगे। फाउंडेशन द्वारा आज यहां जारी विज्ञप्ति के अनुसार लोकसभा के पूर्व महासचिव सुभाष कश्यप की अध्यक्षता में गठित 13 सदस्यीय चयन परिषद् ने मोही को यह पुरस्कार देने का फैसला किया।

अविभाजित भारत में सिंध के मीरपुर खास में दो मार्च 1944 को जन्मे मोही सिंधी भाषा के कवि, कहानीकार और आलोचक भी हैं और वह दुबई में इंडियन हाई स्कूल में अंग्रेजी के शिक्षक रहे हैं और वहां एक कॉलेज में अंग्रेजी विभाग के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी करीब 25 पुस्तकें प्रकाशित हुई हैं।

के. के. बिरला फाउंडेशन पिछले दस वर्ष में 22 भारतीय भाषाओं में प्रकाशित सर्वश्रेष्ठ पुस्तक के लिए यह सम्मान प्रदान करता है। इस पुरस्कार की शुरूवात 1991 में शुरू हुई थी और पहला सम्मान डॉ. हरिवंशराय बच्चन को दिया गया था। विजय तेंदुलकर, डॉ. हरिभजन सिंह, सुनील गंगोपाध्याय, गोविंद मिश्र, पद्मा सचदेव और डॉ. एम. वीरप्पा माईली जैसे लेखकों को यह सम्मान मिल चुका है।