Friday, May 24, 2019 12:25 AM

नाराज कांग्रेसी

देश में लोकसभा चुनाव के दो चरण पूरे हो चुके हैं और शेष पांच चरणों में अपनी-अपनी विजय को सुनिश्चित करने के लिए राष्ट्रीय व क्षेत्रीय दल सिरधड़ की बाजी लगाए हुए हैं। ऐसे में कांग्रेस के दिग्गज नेताओं की नाराजगी कांग्रेस के लिए मुसीबत पैदा कर सकती है।

टीवी बहसों में कांग्रेस का चेहरा बनकर उभरी पार्टी की प्रवक्ता प्रियंका चतुर्वेदी ने आरोप लगाया है कि पार्टी में उन गुंडों को तवज्जों दी जा रही है, जो महिलाओं के साथ बदसलूकी करते हैं। एक ट्वीट में प्रियंका ने लिखा है, 'बड़े दुख की बात है कि गुंड़ों को कांग्रेस में जगह दी जा रही है।' उन्होंने कहा है कि पार्टी के लिए मैंने गालियां और पत्थर खाए हैं,  लेकिन उसके बावजूद पार्टी में रहने वाले नेताओं ने ही मुझे धमकियां दीं। जो लोग धमकियां दे रहे थे, वह बच गए हैं। इनका बिना किसी कड़ी कार्रवाई के बच जाना काफी दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रियंका ने एक पत्रकार के ट्वीट पर रीट्वीट करते हुए यह बात लिखी है। पत्रकार ने कांग्रेस के एक नोटिस की तस्वीर भी पोस्ट की है जिसमें कहा गया है कि प्रियंका ने हाल ही में कुछ नेताओं पर अपने साथ दुव्र्यवहार करने की शिकायत की थी। कांग्रेस के पत्र में कहा गया है कि प्रियंका की शिकायतत पर पार्टी ने नेताओं को निलंबित कर दिया था। पत्र में आगे कहा गया  है कि कांग्रेस महासचिव पश्चिमी उत्तर  प्रदेश प्रभारी ज्योतिरादित्य सिंधिया के हस्तक्षेप पर प्रदेश इकाई ने नेताओं को फिर से उनके पद पर बहाल करने का फैसला लिया है। 

यह मामला पिछले साल सितंबर के आसपास का बताया जा रहा है। राफेल विवाद को लेकर कांग्रेस केंद्र सरकार पर हमलावर थी और देशभर में पार्टी के नेता मोदी सरकार के खिलाफ प्रेस कांफ्रेंस कर रहे थे। उत्तर प्रदेश के मथुरा में जब प्रियंका चतुर्वेदी पार्टी की तरफ से राफेल विमान सौदे पर प्रेस कांफ्रेंस करने आई थी, तब स्थानीय कार्यकर्ताओं ने उनके साथ बदसलूकी की थी। 

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं कटिहार संसदीय क्षेत्र के प्रत्याशी तारिक अनवर को पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू के प्रचार का तरीका पसंद नहीं आया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कभी भी धर्म और जाति के आधार पर वोट मांगने की पक्षधर नहीं रही है। मैं सिद्धू के बयान को सही नहीं मानता हूं और पार्टी नेतृत्व से आग्रह करूंगा कि सिद्धू के इस बयान का संज्ञान लेकर जरूरी कार्रवाई की जाए। तारिक अनवर के लिए प्रचार में कटिहार आए सिद्धू ने कहा था कि केंद्र की सत्ता से नरेंद्र मोदी को हटाने के लिए मु्स्लिमों को एकजुट होकर वोट करना चाहिए। तारिक ने कहा कि अगर वह इस रैली में होते तो सिद्धू को ऐसा बयान देने से रोकते । उन्होंने कहा कि मजहब के नाम पर राजनीति से ज्यादा अच्छा वह हारना पसंद करेंगे। अपने 40-45 साल की राजनीति में ऐसा कभी नहीं किया। तारिक ने कहा कि हिन्दू-मुस्लिम के नाम पर राजनीति को वह शर्मनाक मानते हैं। यह संविधान निर्माताओं के सपने को चकनाचूर करने जैसा है। कांग्रेस ने हमेशा सभी धर्मों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया है और सबको जोड़कर देश और संविधान का निर्माण किया है। सिद्धू को नसीहत देते हुए तारिक ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। उनके बयान में मजहब के नाम पर सियासत की गंध आ रही है, जिससे कांग्रेस और देश के लोकतंत्र को नुकसान होगा। तारिक ने कहा कि उन्हें शुरू से ही सभी धर्मों का बराबर सम्मान मिला है। आज भी बरकरार है।

कांग्रेस के एक नहीं अनेक दिग्गज राष्ट्रीय नेतृत्व द्वारा घोषित उम्मीदवारों को लेकर नाराज हैं तथा कांग्रेस की रीति नीति का विरोध कर रहे हैं। चुनावों में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं द्वारा दिखाई नाराजगी से कांग्रेस की साख व छवि पर असर पड़ रहा है। कांग्रेस के नाराज राष्ट्रीय नेतृत्व को नारजा कांग्रेसियों द्वारा उठाए मुद्दों को गंभीरता से लेकर नाराज कांग्रेसियों को शांत करने का प्रयास करना चाहिए। उपरोक्त मामलों में दिखाई उदासीनता कांग्रेस के लिए कठिनाइयां ही पैदा करेगी।

-इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।

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