अमित शाह की लोकसभा में दो टूक : दिल्ली दंगों में संपत्ति जलाने वालों को बख्शेंगे नहीं, उनकी प्रॉपर्टी करेंगे जब्त 

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): लोकसभा में आज दिल्ली दंगों पर जमकर हंगामा हुआ। विपक्ष ने जहां सत्ता पक्ष पर कई सवाल दागे वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष के हर सवाल का जवाब दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि दोषी चाहे किसी समुदाय या किसी भी पार्टी के हों, बख्शे नहीं जाएंगे। शाह के भाषण के दौरान कांग्रेस ने वॉक आउट किया। गृह मंत्री ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी की रामलीला मैदान की रैली में सडक़ पर निकलो, आर-पार की लड़ाई  के बयान का जिक्र किया तो वारिस पठान के 100 करोड़ पर 15 करोड़ भारी जैसे भडक़ाऊ भाषण की आलोचना की।

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि देशभर में सीएए के समर्थन में भी रैलियां निकली हैं। ये भ्रम फैलाया जा रहा है कि प्रो-सीएए वाले लोग निकले इसलिए हिंसा हुई। कांग्रेस के नेता लोगों को घर के बाहर निकलने के लिए कहते हैं। ये हेट स्पीच नहीं है तो क्या है। इस बयान के बाद 16 दिसंबर को शाहीन बाग का धरना शुरू हो गया। अमित शाह ने कहा कि एक स्पीच होती है 17 फरवरी को। कहा जाता है कि 24 फरवरी को ट्रंप जब भारत आएंगे तो हम बताएंगे कि भारत की सरकार क्या कर रही है। इसके बाद दंगों की शुरुआत होती है। वारिस पठान 19 फरवरी को कहते हैं कि जो चीज मांगने से नहीं मिलती उसे छीननी पड़ती है। इसके बाद 24 फरवरी को दंगे होते हैं। 

गृह मंत्री अमित शाह ने दंगों को दिल्ली के दूसरे हिस्सों में फैलने न देने और 36 घंटे के भीतर स्थिति नियंत्रित करने लेने के लिए दिल्ली पुलिस की भी पीठ थपथपाई। अमित शाह ने यह भी कहा कि दंगे के दौरान संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वालों की पहचान की जा रही है और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की संपत्तियां जब्त की जाएंगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को ऐसी सजा दी जाएगी कि मिसाल बनेगी। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि दिल्‍ली में हिंसा भडक़ानें वालों को पैसे पहुंचाए गए थे। उन्होंने कहा कि हम इसकी तह तक जाएंगे। हिंसा के जिम्मेदार लोगों को हर हाल में बाहर निकालेंगे। हिंसा में शामिल किसी भी साजिशकर्ता को बख्शा नहीं जाएगा। इसकी हर पहलू से जांच की जा रही है। इस हिंसा के पीछे दिल्ली में चल रहे सीएए विरोधी प्रदर्शनों की भी भूमिका रही है।