खेल रत्न के लिए अमित पंघल और विकास कृष्णन की सिफारिश

08:19 PM Jun 01, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज)-भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफ़आई) ने अपने स्टार मुक्केबाजों अमित पंघल और विकास कृष्णन की देश के सर्वोच्च खेल सम्मान राजीव गांधी खेल रत्न तथा लवलीना बोर्गोहेन, सिमरनजीत कौर और मनीष कुमार की अर्जुन पुरस्कार के लिए केंद्रीय खेल मंत्रालय को सिफारिश की है।


मुक्केबाजी महासंघ ने सोमवार को जारी बयान में बताया कि उसने गहन विचार-विमर्श के बाद राष्ट्रीय खेल पुरस्कारों के लिए इन नामितों को चुना है। बीएफ़आई ने कोचों के प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए भारतीय महिला टीम के प्रमुख कोच अली कमर तथा सहायक कोच छोटे लाल का नाम भेजा है। बीएफ़आई ने आजीवन उपलब्धि के लिए दिए जाने वाले ध्यानचंद अवार्ड के लिए उषा नागीशेट्टी का नाम भेजा है। भारत के रिकॉर्ड नौ मुक्केबाज अगले साल होने वाले टोक्यो ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई कर चुके हैं। ओलम्पिक इस साल जुलाई में होने थे लेकिन कोरोना वायरस के कारण ओलम्पिक को अगले साल जुलाई तक के लिए स्थगित कर दिया गया है।

केंद्रीय खेल मंत्रालय ने इस साल के राष्ट्रीय खेल अवॉर्ड के लिए ई-मेल के जरिए नामांकन आमंत्रित किए थे। राष्ट्रीय खेल अवॉर्ड के नामांकन की शुरुआत अप्रैल में होनी थी लेकिन कोरोना वायरस के खतरे को देखते हुए इसे मई तक बढ़ा दिया गया था। नामांकन भेजने की अंतिम तारीख तीन जून है। इस वर्ष खेल रत्न और अर्जुन अवॉर्ड के लिए जनवरी 2016 से दिसंबर 2019 तक के प्रदर्शन को ध्यान में रखा जाएगा।


पंघल और कृष्णन ने पिछले चार वर्षों में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। पंघल ने एशियाई खेलों में स्वर्ण, एशियाई चैंपियनशिप में स्वर्ण, राष्ट्रमंडल खेलों में रजत और पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में ऐतिहासिक रजत पदक जीता था।

विकास विश्व चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता हैं और पिछले राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण जीत चुके हैं। विकास ने एशियाई खेलों और एशियाई चैंपियनशिप में कांस्य पदक भी जीते हैं। मनीष कौशिक ने पिछले साल विश्व चैंपियनशिप में कांस्य और उससे पहले राष्ट्रमंडल खेलों में रजत पदक जीता था। लवलीना पिछली दो विश्व चैंपियनशिप में दो कांस्य पदक जीत चुकी हैं जबकि सिमरन ने 2018 की विश्व चैंपियनशिप और 2019 की एशियाई चैंपियनशिप में रजत जीते हैं। अली कमर और छोटे लाल ने भारतीय महिला मुक्केबाजों को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभायी है। उषा नागीशेट्टी 2008 की एशियाई स्वर्ण विजेता हैं और दो बार विश्व चैंपियनशिप में रजत जीत चुकी हैं।