अमेरिका ने कहा- चीन की हरकतों से निपटने के लिए भारत जैसे पार्टनर की जरूरत

वाशिंगटन (उत्तम हिन्दू न्यूज): चीन की हरकतों से इस समय केवल भारत नहीं बल्की विश्व के कई देश परेशान हैं। भारत ने हमेशा यह रुख कायम रखा है कि उत्तर से लेकर पूर्वोत्तर तक में सीमा विवाद सुलझाने और सेना को पीछे करने की जिम्मेदारी फिलहाल चीन की है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो अगले हफ्ते भारत दौरे पर आने वाले हैं। इस बीच अमेरिकी अफसरों ने शनिवार को बयान जारी कर कहा है कि लद्दाख में भारत और चीन के बीच वास्‍तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चल रहे तनाव की अमेरिका निगरानी कर रहा है। उनका यह भी कहना है कि अमेरिका चाहता है कि दोनों देशों के बीच वहां हालात खराब ना हों।

अमेरिका-भारत (फाइल फोटो)

ट्रंप प्रशासन के अधिकारी ने शनिवार को कहा कि हिमालय से लेकर दक्षिण चीन सागर तक इंडो-पैसिफिक में चीन के बढ़ते आक्रामक व्यवहार को देखते हुए, यह पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण है कि हम भारत जैसे सहयोगियों के साथ मिलकर काम करें। 'क्वाड के विस्तार' को लेकर ट्रंप प्रशासन ने कहा कि फिलहाल इसकी कोई योजना नहीं है।

अधिकारी ने कहा, 'क्वाड शिखर सम्मेलन के बारे में, फिलहाल कोई योजना नहीं है, लेकिन भविष्य में कुछ भी हो सकता है।' अमेरिकी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो और अमेरिकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर अगले हफ्ते भारत के दौरे पर आने वाले हैं।

us secretary of state mike pompeo said america should have new policy against china

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो अगले सप्ताह तीसरी बार भारत-अमेरिका टू प्लस टू वार्ता के लिए नई दिल्ली आएंगे। यह एक महीने से भी कम समय के अंदर उनकी दूसरी एशिया यात्रा है। भारत के अलावा वे मालदीव, श्रीलंका और इंडोनेशिया भी जाएंगे।