मध्यप्रदेश में कोरोना संबंधी सभी सावधानियाँ बरती जाएं : शिवराज

भोपाल (उत्तम हिन्दू न्यूज) : मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कुछ दिनों से प्रदेश में कोरोना के प्रकरण बढ़ रहे हैं। ऐसे में कोरोना संबंधी सभी सावधानियाँ बरती जाये। मास्क अनिवार्य रूप से लगाया जाए, फिजिकल डिस्टेंसिंग रखी जाए, हाथ बार-बार धोएँ, सोशल डिस्टेंसिंग रखें और थोड़े भी लक्षण होने पर तुरंत जाँच कराकर इलाज लें। थोड़ी भी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
श्री चौहान आज यहां मंत्रालय से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों में कोरोना की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग, लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्री डॉ. प्रभुराम चौधरी, मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य मोहम्मद सुलेमान, अपर मुख्य सचिव गृह डॉ. राजेश राजौरा आदि उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के मजदूर मजदूरी के लिए अन्य राज्यों में न जाएँ, उन्हें मनरेगा के अंतर्गत गाँव में ही रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। आर्थिक गतिविधियाँ प्रभावित न हों, इसके लिए प्रदेश में लॉकडाउन नहीं किया जाएगा।
श्री चौहान ने निर्देश दिए कि इंदौर, भोपाल, बैतूल, जबलपुर, छिंदवाड़ा आदि जिलों में कोरोना के प्रकरण बढऩे से वहाँ विशेष सावधानी रखी जाए। इंदौर में 139, भोपाल में 70, बैतूल में 15, जबलपुर में 14 तथा छिंदवाड़ा में 9 नए प्रकरण आए हैं। इंदौर की पॉजिटिविटी रेट 6.6 प्रतिशत तथा भोपाल की 4.5 प्रतिशत है। कोरोना के प्रकरण बढऩे पर पचमढ़ी, बैतूल, छिंदवाड़ा आदि में लगने वाले मेले स्थगित कर दिए गए हैं। साथ ही यहाँ सभी प्रकार की सावधानियाँ बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बालाघाट, सिवनी, बैतूल आदि सीमावर्ती जिलों से मजदूर रोज महाराष्ट्र कार्य के लिए जाते हैं। मनरेगा में इन्हें गाँव में ही कार्य दिलाए जाने के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए। श्री चौहान ने निर्देश दिए कि महाराष्ट्र से आने वाले लोगों की स्क्रीनिंग प्रदेश की सीमा पर अनिवार्य रूप से की जाए। कोविड निगेटिव व्यक्तियों को ही प्रदेश में प्रवेश दिया जाएगा।
प्रदेश में कोरोना के सक्रिय प्रकरणों की संख्या 2270 हो गई है। प्रदेश में कोरोना के नए 344 प्रकरण आए हैं, वहीं 223 मरीज ठीक हुए हैं। प्रदेश की पॉजिटिविटी रेट 2 प्रतिशत हो गई है। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि कोरोना के लिए हर जिले के लिए बनाए गए वरिष्ठ प्रभारी अधिकारी सतर्क हो जाएँ। वे अपने प्रभार के जिलों की निरंतर मॉनीटरिंग करें और कोरोना से बचाव व उपचार की व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करें।