Airtel बन सकती है विदेशी कंपनी, मांगी 4,900 करोड़ की FDI की मंजूरी

11:41 AM Dec 09, 2019 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): भारती टेलिकॉम ने सिंगापुर की सिंगटेल और अन्य विदेशी कंपनियों से 4,900 करोड़ रुपये के निवेश के लिए सरकार से अनुमति मांगी है। इस कदम से देश की सबसे पुरानी निजी क्षेत्र की यह दूरसंचार सेवा प्रदाता कंपनी एक विदेशी इकाई बन जाएगी। भारती टेलिकॉम, भारती एयरटेल की प्रोमोटर कंपनी है। मामले से जुड़े एक अधिकारिक सूत्र ने बताया कि इस पूंजी निवेश से भारती टेलिकॉम में विदेशी हिस्सेदारी बढ़कर 50 प्रतिशत से अधिक हो जाएगी, जिससे यह एक विदेशी स्वामित्व वाली इकाई बन जाएगी।

वर्तमान में सुनील भारती मित्तल और उनके परिवार की भारती टेलिकॉम में करीब 52 प्रतिशत हिस्सेदारी है। भारती टेलिकॉम की भारती एयरटेल में करीब 41 प्रतिशत हिस्सेदारी है। सूत्र ने कहा कि भारती टेलिकॉम ने कंपनी में 4,900 करोड़ रुपये के निवेश के लिए आवेदन किया है। इसमें सिंगटेल और कुछ अन्य विदेशी निवेशकों की ओर से होने वाला निवेश शामिल है। इसके साथ ही भारती टेलिकॉम विदेशी इकाई बन जाएगी क्योंकि इसकी ज्यादा हिस्सेदारी विदेशी निवेशकों के पास होगी।

 दूरसंचार विभाग द्वारा इसी महीने इस निवेश को मंजूरी देने की उम्मीद है।' दूरसंचार विभाग ने इससे पहले इस साल की शुरुआत में भारती एयरटेल के प्रत्यक्ष विदेशी निवेश आवेदन को खारिज कर दिया था, क्योंकि कंपनी ने विदेशी निवेश के बारे में स्पष्ट नहीं किया था। सूत्र ने कहा कि वर्तमान में भारती एयरटेल में कुल विदेशी हिस्सेदारी 43 प्रतिशत है। प्रवर्तक इकाई भारती टेलिकॉम के विदेशी इकाई बन जाने के साथ ही कंपनी (भारती एयरटेल) में विदेशी हिस्सेदारी बढ़कर 84 प्रतिशत के पार हो जाएगी।