वायु प्रदूषण एवं भूमिगत जल प्रदूषण एक गंभीर समस्या : डा. राजेन्द्र सिंह

घरौंडा (राणा)  : हरियाणा विज्ञान मंच की राज्य कमेटी सदस्य डाक्टर राजिंदर सिंह ने आधा दर्जन गांवों के किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन जनअभियान का हिस्सा बनने के लिए जागरूक किया।गांव कैमला, अलीपुर खालसा, कोहंड, पुण्डरी, हरिसिंहपूरा, बरसत, फरीदपुर में वायु प्रदूषण व भूमिगत जल प्रदूषण, गांव के लोगों के स्वास्थय के लिए गंभीर समस्या बनता जा रहा है लेकिन बडे खेद का विषय है कि किसी भी राजनैतिक पार्टी ने इस लोकसभा चुनाव के दौरान इसका जिक्र भी नहीं किया।

हरियाणा विज्ञान मंच की राज्य कमेटी सदस्य डा. राजिंदर सिंह ने उपस्थित किसानों को इस विषय को आगे बढ़ाते हुए बताया कि ऑस्ट्रेलिया में 18 मई को होने वाले चुनाव मे पर्यावरण सरक्षण प्रमुख मुद्दा है यूरोप अमरीका कैनेडा में पर्यावरण सरक्षण को मुख्य स्थान दिया जाता है। हमारे देश में वायु प्रदूषण व जल प्रदूषण जितनी तेजी से बढ़ रहा है व लगातार मानव स्वास्थय, जीव जन्तु व वनस्पति के लिए खतरा बनता जा रहा है। पर्यावरण सरक्षण के प्रयास नाकाफी है।

राष्ट्रीय पर्यावरण अधिकरण द्वारा रिफाइनरी पानीपत पर लगाया गया 17. 31 करोड जुर्माना जीता जागता प्रमाण है। यह सब हमारी पर्यावरण व सामाजिक संस्थाओं से सम्बंधित लोगों कि चेतना पर निर्भर करता है कि हम किसे गंभीर विषय मानते है उसी के अनुसार राजनैतिक पार्टिया प्रतिक्रिया करेगी। उससे पहले हम सभी को जागरूक व संगठित होना पडेगा। 

उन्होंने उपस्थित किसानों को फसल अवशेष जलाने के नुक्सान पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यूनेस्को की ओर से वायु प्रदूषण वर्ष 2019.20 का विश्व थीम है। हरियाणा विज्ञान मंच अंतरास्ट्रीय पर्यावरण दिवस के उपलक्ष पर 5 जून को घरौंडा में संगोष्ठी आयोजित कर रहा है। उपरोक्त सगोष्ठी में शामिल होकर फसल अवशेष प्रबंधन जनअभियान का हिस्सा बने।

इस दौरान बलबीर सिंह पूर्व पंच कैमला ने हरियाणा विज्ञान मंच की ओर से फसल अवशेष प्रबंधन जनअभियान को पूर्ण सहयोग देने का आस्वाशन देते हुए हरियाणा सरकार से माननीय उच्चतम न्यालय के फसल अवशेष प्रबंधन मे जारी निर्देशों का पालन करते हुए प्रभावित किसानों को 4000 रुपया प्रति एकड़ आर्थिक सहायता देने की मांग की। इस अवसर पर कृष्ण कुमार,फूल सिंह,जगत सिंह,सतबीर सिंह, महासिंह, रघुबीर सिंह उपस्थित रहे।