Thursday, September 20, 2018 11:12 AM

वायु सेना की बढ़ेगी ताकत, राफेल विमान और एस-400 मिसाइलों से होगी मजबूत

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : भारतीय वायुसेना चीफ  बीरेंद्र सिंह धनोआ ने धमाकेदार खुलासा किया है। उन्होंने दिल्ली में कहा कि भारत सरकार वायु सेना को कम संख्याबल समस्या को खत्म करने के लिए और वायुसेना को मजबूत करने के लिए राफेल विमान एवं एस-400 मिसाइल उपलब्ध कराई हैं। वायुसेना चीफ ने कहा कि हमारी सबसे बड़ी समस्या कम संख्याबल का होना है।

धनोआ ने कहा कि 42 स्वीकृत स्क्वार्डन होने के बाद भी हमारे पास केवल 31 स्कवार्डन हैं। उन्होंने कहा कि अगर हमारे पास 42 स्क्वार्डन भी होते फिर भी हम अपने दो क्षेत्रीय प्रतिद्वंदियों की सम्मिलित संख्या से कम ही रहेंगे, इसलिए इस संख्या में भी बढ़ोतरी की जरूरत है। वायुसेना चीफ ने भारत सरकार की सराहना की और कहा कि सरकार हमारी समस्या से अवगत है और हमें सहयोग कर रही है। 

उन्होंने कहा कि बीते समय में चीन ने खुद को काफी विकसित किया है। उन्होंने कहा कि चीन के पास करीब 1700 फाइटर एयरक्राफ्ट हैं, इनमें भी करीब 700 चौथी जेनरेशन के हैं। बीते दस साल में चीन ने ट्रांसपोर्ट व्यवस्था को बेहतर किया है। धनोआ ने कहा कि दुनिया में कोई भी देश उस तरह के गंभीर खतरे का सामना नहीं कर रहा है जैसा भारत कर रहा है। उन्होंने कहा कि दुश्मनों के इरादे रातोंरात बदल सकते हैं और वायु सेना को उनके स्तर के बल की जरुरत है।

वायु सेना प्रमुख ने कहा कि भारत के पड़ोसी निष्क्रिय नहीं बैठे हैं और चीन जैसे देश अपनी वायु सेना का आधुनिकीकरण कर रहे हैं। भारतीय वायु सेना के बल की संरचना, 2035 पर एक संगोष्ठी में धनोआ ने कहा कि सरकार भारतीय वायु सेना की क्षमताएं बढ़ाने के लिए राफेल लड़ाकू विमान और एस-400 मिसाइल खरीद रही है। उन्होंने राफेल विमान के केवल दो बेड़ों की खरीद को उचित बताते हुए कहा कि इस तरह के खरीद के उदाहरण पहले भी रहे हैं।
 

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