कृषि कानून: सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति ने सौंपी सीलबंद रिपोर्ट

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): तीन नए कृषि कानूनों पर नियुक्त तीन सदस्यीय कमेटी ने सुप्रीम कोर्ट को बंद लिफाफे में अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। कमेटी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि इस मसले का हल ढूंढने के लिए करीब 85 किसान संगठनों से बात की गई है। सभी संगठनों के सदस्यों की राय ली गई है।  

समिति ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि किसानों के साथ बहुत बैठकें की गई हैं और मामले में समाधान खोजने के लिए किसान संगठनों के प्रतिनिधियों से परामर्श लिए गए। तीन सदस्यीय समिति के सदस्य और कृषि अर्थशास्त्री अनिल घनवात ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को सील बंद लिफाफे में 19 मार्च को यह रिपोर्ट सौंपी गई थी। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से कमिटी को रिपोर्ट सौंपने के लिए 20 मार्च तक का वक्त दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की तरफ से नियुक्त की गई कमेटी में कृषि विशेषज्ञ और शेतकारी संगठनों से जुड़े अनिल धनवत, अशोक गुलाटी और प्रमोद जोशी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 11 जनवरी को समिति का गठन किया था। धनवत के अलावा कृषि अर्थशास्त्री अशोक गुलाटी और प्रमोद कुमार जोशी समिति के अन्य सदस्य हैं। दरअसल तीन नए अधिनियमित खेत कानूनों के खिलाफ किसान पिछले साल 26 नवंबर से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। किसान उत्पाद व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सुविधा) अधिनियम, 2020, मूल्य आश्वासन और कृषि सेवा अधिनियम 2020 और आवश्यक वस्तु (संशोधन) अधिनियम, 2020 किसान सशक्तिकरण और संरक्षण समझौता के लिए सरकार का विरोध कर रहे हैं।