एडवांस रूलिंग अथॉरिटी का फैसला, प्लॉट के रूप में बेची जाने वाली विकसित जमीन पर देना होगा GST

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): बिजली, पानी की पाइपलाइन और जल निकासी की सुविधाओं वाली जमीन की बिक्री पर माल एवं सेवा कर देना होगा। एडवांस रूलिंग अथॉरिटी यानि AAR ने यह व्यवस्था दी है। एएआर ने कहा है कि यदि कोई रियल एस्टेट डेवलपर बुनियादी सुविधाओं वाली जमीन प्लॉट के रूप में बेचता है, तो उसपर जीएसटी देय होगा। एएआर ने यह भी निष्कर्ष दिया है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा। इसी के अनुरूप उस पर जीएसटी लगाया जाएगा।

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एक आवेदक ने एएआर की गुजरात पीठ के समक्ष इस बारे में आवेदन कर पूछा था कि क्या प्राथमिक सुविधाओं मसलन बिजली, पानी, जल निकासी, समतल जमीन वाले प्लॉट की बिक्री पर जीएसटी देना होगा। एएआर ने इसके जवाब में कहा, ‘‘हमारा मानना है कि विकसित प्लॉट ‘खरीदार को बिक्री के लिए परिसर के निर्माण’ की धारा के तहत आएगा। ऐसे में इस पर जीएसटी देना होगा।

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एएआर ने यह आदेश जारी करते हुए कहा कि आवेदक विकसित प्लॉट की बिक्री करता है। बिक्री मूल्य में जमीन की लागत के अलावा प्राथमिक सुविधाओं की लागत भी आनुपातिक आधार पर शामिल होती है। एएमआरजी एंड एसोसिएट्स के वरिष्ठ भागीदार रजत मोहन ने कहा कि इस फैसले का सीधा, तात्कालिक और प्रतिकूल असर समूचे रीयल एस्टेट क्षेत्र पर पड़ेगा। इससे विकसित प्लॉटों की बिक्री पर मिलने वाले कर तटस्थ स्थिति का लाभ समाप्त हो जाएगा।