ADC विशेष सारंगल ने जारी की गर्मी सीजन की सब्ज़ी के बीजों की किट, कहा- घरेलू बगीची में जैविक ढंग के साथ करनी चाहिए पैदावार

जालंधर (उत्तम हिन्दू न्यूज): खादों और अन्य कीटनाशक दवाओं के बिना हर परिवार को सेहतमंद रहने के लिए ताजी सब्जियों की पैदावार अपनी घरेलू बग़ीची में जैविक ढंग के साथ करनी चाहिए। यह बात अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (विकास) जालंधर विशेष सारंगल ने बाग़बानी विभाग की तरफ से गर्मी सीजन की सब्ज़ी के बीजों की किट जारी करने के समय पर कही। उन्होनें बताया कि आज के समय में सेहतमंद रहने के लिए संतुलित ख़ुराक, जिसमें विटामिन, प्रोटीन और ज़रुरी ख़ुराकी तत्व मौजूद हो, का सेवन करना बहुत ही ज़रूरी है। 

सारंगल ने बताया कि घरेलू बग़ीची में खाद रहित सब्जियों की पैदावार करके इनकी ख़रीद ऊपर आने वाला ख़र्च भी बचाया सकता हैं। उन्होनें बताया कि डिप्टी कमिश्नर जालंधर घनश्याम थोरी के नेतृत्व में बाग़बानी विभाग की तरफ से लोगों को आर्गेनिक सब्जियों की पैदावार के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि लोगों को बाग़बानी विभाग की अलग -अलग योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेना चाहिए।

इस अवसर पर डा. विपन चंद्र पठानिया डिप्टी डायरैक्टर बाग़बानी जालंधर ने बताया कि गर्मी सीजन की सब्जियों के बीज की 40,000 किटें तैयार कर पंजाब भर में भेजी गई हैं, जो कि बाग़बानी विभाग के दफ़्तरों से 80 रुपए की कीमत पर ख़रीदी जा सकती है। डा. भजन सिंह सैनी सहायक डायरैक्टर बाग़बानी जालंधर और डा. सुखदीप सिंह हुंदल सहायक डायरैक्टर बाग़बानी -कम -नोडल अधिकारी घरेलू बग़ीची पंजाब ने बताया कि भारतीय स्वास्थ्य खोज संस्था अनुसार संतुलित ख़ुराक में हर व्यक्ति को प्रति दिन 300 ग्राम सब्जियाँ, 50 ग्राम फल और 85 ग्राम दालों का प्रयोग करना चाहिए। उन्होनें बताया कि इस किट में 11 तरह की सब्ज़ी के बीजों को बीज कर एक परिवार अपनी छह महीनों की सब्ज़ी की ज़रूरतों को पूरा कर सकता है।

डॉ. सुखविन्दर सिंह थिंद एचडीओ ने बताया कि जालंधर ज़िले में यह किट बाग़बानी विभाग के ब्लाक दफ़्तरों से प्राप्त की जा सकती है। इस लिए आत्मा योजना के अंतर्गत विशेष प्रशिक्षण कैंप भी लगाए जा रहे हैं।