आम आदमी पार्टी ने शहीद किसानों को समर्पित किया राज्य स्तरीय लोहड़ी समारोह 

पीएम मोदी अडिय़ल रवैया छोड़ काले कानूनों को रद्द करें : मान
लुधियाना/चंडीगढ़ (विज):
किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धाजंलि देने के लिए आम आदमी पार्टी ने बुधवार को लुधियाना में राज्य स्तरीय लोहड़ी समारोह का आयोजन किया और उसे शहीद किसानों के नाम समर्पित किया। समागम की अध्यक्षता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और सांसद भगवंत मान ने की।

समारोह की शुरुआत में वहां उपस्थित सभी नेताओं ने  मौन धारण करके किसान आंदोलन में शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि दी। वहीं पूरे पंजाब में पार्टी के कार्यकत्र्ताओं द्वारा नए कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई गई। पंजाब विधानसभा में विपक्ष के नेता हरपाल सिंह चीमा, उपनेता बीबी सरबजीत कौर माणुके, विधायक प्रिंसिपल बुद्धराम, प्रो. बलजिंदर कौर, गुरमीत सिंह मीत हेयर, कुलतार सिंह संधवा, मनजीत सिंह बिलासपुर, कुलवंत पंडोरी, अमरजीत सिंह संदोआ, मास्टर बलदेव सिंह जैतो, जग्गा हिसोवाल, महासचिव हरचंद सिंह बरसट, राज्य कोषाध्यक्ष नीना मित्तल, राज्य सचिव गगनदीप सिंह चड्ढा, संयुक्त सचिव अमनदीप सिंह मोही और अन्य सभी उपस्थित नेताओं ने मौर धारण कर शहीद किसानों को श्रद्धाजलि दी और उनके साहस व हौंसले को सलाम किया। 

मान ने कहा कि कृषि कानून के मुद्दे पर शुरू किया गया आंदोलन अब एक जन आंदोलन बन गया है। दलालों, छोटे व्यापारियों, मजदूरों, कर्मचारियों सहित हर वर्ग के लिए ये काले कानून बहुत खतरनाक हैं। आज किसान आंदोलन को देश के प्रत्येक नागरिक का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद से ही सत्ता में रहने वाले सभी दलों ने सांप्रदाय और वर्ग के आधार पर लोगों को वोट के लिए विभाजित किया, लेकिन अब जनता इन विभाजनकारी नेताओं की साजिशों को समझ गई है कि येलोग कुर्सी पाने के लिए आपस में लोगों को लड़ा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि केन्द्र के काले कानून के खिलाफ जिस तरह से पंजाब और हरियाणा के किसान इस आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं, उससे पूरे देश को फायदा होगा। किसान पिछले कई महीनों से सड़कों पर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन कर रहे थे, लेकिन मोदी सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी तो मजबूर होकर किसानों को इस कड़ाके की ठंड में दिल्ली की सड़क पर बैठना पड़ा। लोगों की बात सुनने के बजाय प्रधानमंत्री कॉरर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाने के लिए आमलोग से ही उलझ रहे हैं। मान ने कहा कि अगर किसी अभिनेता-अभिनेत्री को बुखार लग जाता है तो प्रधानमंत्री मोदी तुरंत ट्वीट करते हैं और उनसे हाल पूछते हैं। मगर उनके ही बनाए कानून के खिलाफ संघर्ष करते हुए हमारे 65 से अधिक अन्नदाताओं ने अपनी जान गवां दी लेकिन देश के प्रधानमंत्री ने एक शब्द नहीं बोला। उन्होंने कहा कि हमारे पार्टी के कार्यकत्र्ताओं ने पंजाब के हर जिले के लगभग सभी गांव, मोहल्ले और शहरों के 16000 से ज्यादा जगहों पर हमारे किसान भाईयों की जान लेने वाले इस काले कृषि कानूनों की 8 लाख से ज्यादा प्रतियां जलाकर आंदोलन में शहीद हुए अपने किसान भाईयों के जज्बे और हौसले को सलाम किया।
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी किसान काले कानूनों को लेकर शीर्ष अदालत में नहीं गए थे, केंद्र सरकार ने ही अपने लोगों के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करवायी थी। मोदी सरकार ने कोर्ट के माध्यम से अपनी पसंद की समिति बनाई ताकि किसानों को गुमराह कर आंदोलन को खत्म किया जा सके। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद अब अदालत की निष्पक्षता पर प्रश्नचिन्ह लग गया है। उन्होंने कहा कि अगर हम मोदी-शाह से संबंधित कोर्ट के मामलों को देखें जिनमें न्यायाधीशों ने अपने फैसले सुनाए उनमें ज्यादातर फैसले मोदी सरकार के पक्ष मे ही आए। इस मामले में भी देखे तो किसानों ने समिति के गठन की कभी मांग नहीं की थी पर काले कानूनों की तरह ही इस कमेटी को भी जबर्दस्ती किसानों पर थोपा जा रहा है।