परियोजनाओं की निगरानी के लिए हर जिले में बनेगा एक तंत्र

शिमला (पी.सी. लोहमी): मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सोमवार को प्रदेश में क्रियान्वित की जा रही प्रमुख परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा बैठक की। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं को विशेष प्राथमिकता दी जानी चाहिए। सभी प्रारम्भिक कार्य जैसे कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के बारे में आकलन और ड्रॉइंग इत्यादि एक माह के भीतर कार्यान्वित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश अपने पूर्ण राज्यत्व के 50 वर्ष मना रहा है। इसलिए अधिकारियों को इस समारोह को शानदार तरीके से मनाने के लिए सुझाव देने चाहिए।

प्रदेश सरकार राज्य की स्वर्ण जयंती को मनाने के लिए 51 इवेंट आयोजित करने की योजना बना रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी उपायुक्तों को अपने जिले में चल रही परियोजनाओं की निगरानी के लिए एक तंत्र विकसित करना चाहिए। उन्होंने कहा कि आम तौर पर कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का कार्य छोटे-छोटे कारणों से अधूरा रहता हैै, जिन्हें उनमें हस्तक्षेप से सुलझाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि परियोजनाओं में देरी को गम्भीरता से लिया जाएगा और जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि एम्स बिलासपुर, राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय नाहन, हमीरपुर, चम्बा और आईजीएमसी शिमला के सुपर स्पेशियलिटी ब्लॉक जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं का कार्य समय अवधि के भीतर पूर्ण किया जाना चाहिए।

अतिरिक्त मुख्य सचिव सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता संजय गुप्ता, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, अतिरिक्त मुख्य सचिव वन आरडी धीमान, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त प्रबोध सक्सेना, पुलिस महानिदेशक संजय कुंडू, प्रधान सचिव केके पंत और ओंकार चंद शर्मा, सचिव रजनीश, अक्षय सूद, अजय शर्मा, राजीव शर्मा, अमिताभ अवस्थी, एसएस गुलेरिया, आयुक्त उद्योग हंस राज शर्मा, प्रधान मुख्य अरण्यपाल वन डॉ. सविता और विभिन्न विभागाध्यक्षों ने बैठक में भाग लिया, जबकि उपायुक्त और अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक से जुड़े।