माघी पूूर्णिमा : त्रिवेणी में 80 लाख ने लगायी आस्था की डुबकी

कुंभनगर (उत्तम हिन्दू न्यूज): दुनिया के सबसे बड़े आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समागम कुंभ के पांचवें स्नान पर्व माघी पूर्णिमा के पावन अवसर पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी में दोपहर तीन बजे तक 80 लाख श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके थे। मेलाधिकारी विजय किरण आनंद ने मंगलवार को बताया कि तीन बजे तक 80 लाख श्रद्धालुओं ने माघी पूर्णिमा का स्नान किया। मौनी अमावस्या की भीड़ के बाद संगम नोज पर श्रद्धालुओं की भीड़ देख ऐसा महसूस हो रहा था मानो आस्था का समंदर गंगा में समा जाने को आतुर दिख रहा था।

आनंद ने बताया कि सुबह मेला कमजोर था लेकिन चटकीली धूप खिलने से स्नानार्थियों की भीड़ में इजाफा देखने को मिला। देश विदेश के कोने-कोने से संगम में जमा करोड़ों श्रद्धालुओं और संत-महात्माओं ने 40 घाटों पर स्नान कर कुम्भ की गरिमा को बढ़ाया। गौरतलब है कि यूनेस्को द्वारा मानवता की अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रुप में मान्यता प्राप्त, भारत की आध्यात्मिक सांस्कृतिक, सामाजिक एवं वैचारिक विविधताओं को एकता के सूत्र में पिरोने वाला यह कुम्भ भारतीय संस्कृति का द्योतक है। इस कुम्भ में पूरे भारत की संस्कृति की झलक देखने को मिल रही है। अपने सिर पर गठरी और कंधे पर कमरी रखे अपने वेश-भूषा में देश और प्रदेश के ग्रामीण परिवेश के वृद्ध पुरुष, महिलायें, युवा सभी उम्र के लोगों का हुजूम आज देखने को मिला है। भारतीय जन-जीवन, आध्यात्मिक चिंतन और विभिन्न भारतीय संस्कृति की सरिता का संगम कुम्भ में दिखाई दिया। संगम क्षेत्र के चतुर्दिक क्षेत्रों में रात्रि से ही आस्था और श्रद्धा का जनसैलाब उमडऩे लगा। इस माघी पूर्णिमा आमावस्या पर हर श्रद्धालु में जबरदस्त जोश और उत्साह देखने को मिला। काली सड़क,लाल मार्ग, त्रिवेणी मार्ग पर श्रद्धालुओं का रेला ठसाठस कसा है। संगम तट पर मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग श्रद्धालुओं के श्रद्धा का समंदर लगातार सुबह से हिलोंरे ले रहा है। श्रद्धालु इस पावन पर्व के समंदर को अपने आंखों में बसा लेना चाहते हैं। शायद उनको यह सुनहरा अवसर अब 2025 में मिलेगा। श्रद्धालुओं के तांता टूटने का नाम नहीं ले रहा है। चटकीले धूप का मजा श्रद्धालु संगम की गोदी में छपकोली खेलते हुए आध्यात्मिक आनंद ले रहे हैं।

दक्षिण कश्मीर में पुलवामा जिले के अवंतीपोरा में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के वाहन पर किये गये आतंकी हमले के मद्देनजर संगम क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। आतंकी हमले के बाद बदली परिस्थितियों में मेला क्षेत्र में सुरक्षा में लगे जवान चप्पे-चप्पे पर नजर बनाए हुए हैं। संगम नोज कमांडो के हवाले किया गया है। पीएसी और एनडीआरएफ के बाढ़ राहत दल जल में तैनात हैं। लाल मार्ग पर पुलिस गुमटी के बगल 45 वर्षीय सुनयना थककर चूर हो गयी और जमीन पर लेटकर रोने लगी। उनके साथ चल रहे फतेहपुर निवासी पति मोहित सुदर्शन ने बताया कि वह पांच किलोमीटर दूर रेलवे स्टेशन से पैदल चल रहे हैं। उन्होंने पैर में छाले दिखाते हुए कहा इससे पहले भी कुंभ स्नान हुआ था लेकिन जिस प्रकार से इस बार परेशानी उठानी पड रही, इससे पहले कभी नहीं देखा। सुदर्शन ने बताया कि पुलिस का व्यवहार इतना बदतर है कि उन्हें बुजुर्गों का सम्मान तक नहीं करना आता। दुव्र्यवहार करने के साथ वे श्रद्धालुओं के साथ धक्का-मुक्की करने से भी गुरेज नहीं कर रहे। हाथरस से संगम स्नान करने पहुंचे पूर्व शिक्षक रवि शर्मा ने बताया कि अलौकिक, अद्वतीय और अद़भुत क्षण का साक्षी है कुंभ। श्रद्धालुओं की भीड़ ऐसी कि नदियों में समंदर समा जाने की गवाही दे रहे थे। माघी पूर्णिमा के पर्व पर सुबह से अगाध आस्था त्रिवेणी के संगम पर हिलोरे मारती नजर आई।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं के लिए हर प्रकार की बेहतर व्यवस्था की है। सभी श्रद्धालु प्रसन्नता पूर्वक स्नान कर माघी पूर्णिमा के पुण्य का फल प्राप्त कर रहे हैं। ऐसे ही एक श्रद्धालु बालामुरली कृष्णन ने कहा " मै अपने को सौभाग्यशाली मानता हूं कि मुझे भी संगम में स्नान करने का सुअवसर प्राप्त हुआ।  मेला क्षेत्र में 39 कंपनी अद्र्ध सैनिक बल, 12 कपनी पीएसी के साथ दस कंपनी एसडीआरएफ की लगाई गयी है। संगम नोज पर आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) और राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के कमांडो तैनात किए गये हैं। फायर ब्रिगेड़, स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) और बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वाड (बीडीडीएस) समेत बडी संख्या में सुरक्षा बलों की तैनाती की गयी है।
 

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