नवजोत सिंह सिद्धू को झटका,  सुप्रीम कोर्ट में फिर खुला पटियाला रोड रेज केस

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : अपने पाकिस्तान दौरे को लेकर कड़ी आलोचना और उसके बाद पाकिस्तान द्वारा श्री करतारपुर साहिब कॉरिडोर खोलने पर हामी भरने के बाद खूब वाहवाही बटौरने वाले पंजाब के कैबिनेट मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ सकती हैं। दरअसल ये मामला सन 1988 में हुए पटियाला रोड रेज केस का है। देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर फिर से परीक्षण करने का फरमान सुनाया है। अब ये बात सुप्रीम कोर्ट तय करेगा कि सिद्धू को इस मामले में सजा होनी चाहिए या नहीं। 

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एएम खानविलकर और जस्टिस संजय किशन कौल की बेंच ने इस मामले में निर्देश जारी किया है। इस मामले में शिकायककर्ता ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और कोर्ट ने अब इस पुनर्विचार याचिका पर विचार करने के लिए हामी भर दी है। इसके साथी ही सुप्रीम कोर्ट ने सिद्घू को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले 15 मई को सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस जे चेलामेश्वर की बेंच ने सिद्धू को एक हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई थी। इस मामले में कोर्ट ने कहा था कि गुरनाम सिंह की मौत के लिए सिद्धू को दोषी नहीं ठहरा सकते। कोर्ट का कहना था कि 30 साल पुराने इस मामले में मारे गए शख्स गुरनाम से सिद्धू की कोई पुरानी दुश्मनी नहीं थी और इस घटना में कोई हथियार इस्तेमाल नहीं हुआ। इस आधार पर हम मानते हैं कि 1000 रुपये का जुर्माना सही रहेगा।

इस मामले की ज्यादा जानकारी न रखने वालों को बता दें कि सिद्धू और रुपिंदर सिंह संधू 27 दिसंबर, 1988 को पटियाला में शेरनवाला गेट चौरोह के पास अपनी गाड़ी में बैठे हुए थे। उसी समय गुरनाम सिंह अपने दो साथियों के साथ बैंक से पैसे निकालकर लौट रहे थे। बताया जाता है कि गुरनाम सिंह ने सिद्धू और संधू से गाड़ी हटाने को कहा और इसके बाद बात इतनी बढ़ गई कि इस पर सिद्धू ने सिंह को बुरी तरह पीटा और अस्पताल में उनकी मौत हो गई। 

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