'वंडर चाइल्ड' के नाम से मशहूर है 5 वर्षीय कियारा कौर, 105 मिनट में बिना रुके 36 किताबें पढ़ कर बनाया World Record

नई दिल्‍ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): दुनिया में आपने कई प्रतिभावान बच्चे देखे होंगे। इनमें कुछ ऐसे बच्‍चे होते हैं, जो कम उम्र में ही डांस, गायन, खेलकूद, पढ़ाई या किसी अन्‍य एक्टिविटी में पारंगत होते हैं। इसी कड़ी में आज हम आपको पांच वर्षीय बच्ची कियारा कौर के बारे में बताने जा रहे है, जिसके नाम दो विश्व रिकॉर्ड है।  

कियारा कौर भारतीय अमेरिकी है। वह संयुक्‍त अरब अमीरात (UAE) में रहती हैं। उसके पास प्रतिभा है कि वह 105 घंटे में लगातार 36 किताबें पढ़ लेती है। उसके नाम लंदन के वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स और एशिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स दर्ज है। लंदन के वर्ल्‍ड बुक ऑफ रिकॉर्ड्स ने कियारा कौर को 'वंडर चाइल्ड' नाम दिया है, और वह इस नाम से काफी मशहूर भी है। उसने 13 फरवरी को एक के बाद एक लगातार 105 मिनट तक 36 किताबें पढ़ने का रिकॉर्ड दर्ज कराया था। तब उसकी उम्र 4 साल थी।  

भारतीय-अमेरिकी, 5, 36 पुस्तकें नॉनस्टॉप 105 मिनट में, सेट रिकॉर्ड -  HindustanPrabhat.com
 
कियारा कौर ने बताया, मुझे पढ़ना अच्छा लगता है क्योंकि मुझे किताब में रंगीन तस्वीरें देखना अच्छा लगता है। उनके पसंदीदा बुक्स में ऐलिस इन वंडरलैंड, सिंड्रेला, लिटिल रेड राइडिंग हूड और शूटिंग स्टार शामिल हैं। कियारा के माता-पिता कहते हैं, वह अपना अधिकांश समय पढ़ने में बिताती है। पिछले एक साल में, उसने लगभग दो सौ किताबें पढ़ी हैं। वह हर समय पढ़ती थी। कार में, यहाँ तक कि रेस्ट रूम में और बिस्तर पर जाने से पहले भी। वह इतनी जिज्ञासु बच्ची है, हमें उसकी किताबें लेने के लिए हर बार जाना पड़ता था।  

हमें गर्व महसूस होता है कि उसने इस कम उम्र में बहुत कुछ हासिल किया है। काश उसकी पढ़ने की आदत जारी रहे। यह पूछे जाने पर कि उन्हें किताबों से पढ़ना पसंद है और अन्य उपकरणों पर नहीं तब कियारा ने कहा, किताबों से पढ़ना बेहद सुखद है। आप अपनी पसंद की किताबें कहीं भी ले जा सकते हैं। फोन पर पढ़ने या वीडियो देखने में समस्या यह है कि इंटरनेट नहीं होने पर मैं उन्हें नहीं पढ़ सकती। कियारा डॉक्टर बनना चाहती है, उन्हें तैराकी और लंबी पैदल यात्रा बेहद पसंद है।

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चेन्नई स्थित माता-पिता की अमेरिका में जन्मी कियारा एक अमेरिकी नागरिक हैं। उनकी मां ने कहा कि कियारा के दादा, लेफ्टिनेंट कर्नल एमपी सिंह ने पढ़ने में रुचि का पोषण किया। उन्होंने कहा, "वह व्हाट्सएप कॉल पर कियारा की कहानियों को एक साथ घंटों तक सुनते थे। कियारा की परवरिश पर उनका बहुत प्रभाव पड़ा है।