5 सदियों बाद आया 5 अगस्त

10:04 AM Aug 05, 2020 |

15 अगस्त, 1947 को भारतवासी जैसे देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वालों को नमन कर अपने को गौरवशाली महसूस करते हैं, ठीक उसी तरह प्रभु श्रीराम के भक्त 5 अगस्त 2020 को याद करेंगे। पिछली 5 सदियों में अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के लिए अपना बलिदान देने वालों को नमन करते हुए रामभक्तों के लिए आज स्वाभिमान का दिन है। यह दिन भारतीय सभ्यता व संस्कृति के पुनरुत्थान दिवस के रूप में भी याद किया जाएगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ठीक कह रहे हैं कि श्रीराम जन्मभूमि को लेकर जो कुछ अयोध्या में हो रहा है वह केवल ऐतिहासिक ही नहीं बल्कि यह एक भावनात्मक क्षण भी है, क्योंकि 500 साल बाद राम मंदिर निर्माण का काम आरंभ होने जा रहा है। उपरोक्त के लिए हिन्दू समाज हमेशा संत समाज, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, धर्म संसद, विश्व हिन्दू परिषद, शिवसेना सहित देश-विदेश में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े प्रत्येक संगठन व रामभक्त का ऋणी रहेगा, क्योंकि इनके कारण ही आज पांच सदी बाद यह पांच अगस्त का दिन देखने को मिला है।

इसे संयोग ही कहें कि पिछले वर्ष 5 अगस्त को ही जम्मू-कश्मीर से जुड़े अनुच्छेद 370 और 35ए हटाए गए थे। आज उसका भी एक वर्ष पूरा हो गया है। जम्मू-कश्मीर में भी एक नए युग की शुरुआत ही है। पिछले समय में ही तीन तलाक को समाप्त करने का कानून पारित हुआ था। मोदी सरकार द्वारा उठाए उपरोक्त तीनों कदम संदेश दे रहे हैं कि भारत अपने गौरवशाली इतिहास को याद करता हुआ नवनिर्माण की राह पर अग्रसर है।

नए भारत की झलक हमें चीन प्रति वर्तमान में अपनाई नीति से भी मिलती है। आज भारत चीन को उसको समझ आने वाली भाषा में जवाब दे रहा है। चीन अपनी चालबाजी से तथ्यों को बदलना चाह रहा है। सतर्क भारत आंख से आंख मिलाकर उसको धरातल का सत्य दिखा रहा है।

कोविड-19 ने विश्व को अपनी चपेट में लिया हुआ है। विश्व स्तर पर इसकी मार देखी जा सकती है। लेकिन भारत ने जिस तरह इस महामारी का सामना किया है, उससे भी स्पष्ट होता है कि भारत एक नये युग में प्रवेश कर रहा है। लेकिन हमें यह नहीं भूलना चाहिए कि नये भारत का भविष्य तभी उज्ज्वल व मजबूत होगा जब हम गांधी के सपनों के ‘रामराज्य’ को सही मायनों में स्थापित कर पाएंगे।

5 अगस्त का ऐतिहासिक दिन देखने का श्रीराम ने जो अवसर दिया उसके लिए हम प्रभु राम के आभारी हैं। अब श्रीराम से यही प्रार्थना है कि मंदिर निर्माण का जो कार्य आज शुरू हो रहा है वह पूर्ण हो और रामभक्त वहां नियमित रूप से अपनी श्रद्धा व आस्था अनुसार पूजन कर सकें।      जय श्रीराम

 - इरविन खन्ना, मुख्य संपादक, दैनिक उत्तम हिन्दू।