Monday, September 24, 2018 05:45 AM

चपरासी बनना चाहते हैं 3700 पीएचडी धारक, किया आवेदन

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज) : बीते लंबे समय से हमारे समाज की ये धारणा रही है कि अगर पढ़ाई-लिखाई मेहनत से की जाए और कई डिग्री हासिल कर ली जाए, तो अफसर की कुर्सी पक्की। लेकिन जो मामले आजकल आए दिन सामने आते हैं, उनसे ऐसा कतई नहीं लगता। केंद्र और राज्य सरकारें रोजगार को लेकर चाहे कितने भी बड़े बड़े दावे कर ले, लेकिन मौजूद स्थिति ठीक उसके उलट है।

उत्तर प्रदेश में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, यहां पुलिस विभाग में चपरासी/संदेशवाहकों के लिए वैकेंसी निकली गई थी, जिनकी संख्या केवल 62 थी, लेकिन इन 62 पदों के लिए कुल 93 हजार आवेदन आए हैं। इससे भी हैरान करने वाली बात ये है कि इनमें करीब 50 हजार ग्रेजुएट और 28 हजार पोस्ट ग्रेजुएट हैं। इससे भी चौंकाने वाली बात यह है कि आवेदकों में 3700 पीएचडी धारक भी शामिल हैं। आवेदन के लिए योग्यता ही 5वीं पास थी और कुल आवेदकों में से सिर्फ 7400 ही ऐसे हैं जो पांचवीं से 12वीं तक पढ़े हुए हैं।   

इन वैकेंसियों में 5वीं पास होने के साथ-साथ साइकिल चलाना भी अनिवार्य रखा गया था। अब जब ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट से लेकर पीएचडी धारकों के आवेदन फॉर्म भरने के बाद पुलिस विभाग परेशान है। आपको बता दें कि यूपी की पूर्ववर्ती अखिलेश सरकार में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था।  

WhatsApp पर न्यूज़ Updates पाने के लिए हमारे नंबर 7400063000 को अपने Mobile में Save करके इस नंबर पर Missed Call करें ।