दिल्ली हिंसा में 1000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल, आप के पूर्व नेता ताहिर हुसैन को बताया मास्टरमाइंड

02:22 PM Jun 02, 2020 |

नई दिल्ली (उत्तम हिन्दू न्यूज): दिल्ली हिंसा मामले में आज क्राइम ब्रांच ने कडक़डड़ूमा कोर्ट में चार्जशीट दायर की। इस चार्जशीट में आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व नेता और पार्षद ताहिर हुसैन को मास्टरमाइंड बताया गया है। चार्जशीट में पार्षद ताहिर हुसैन समेत 15 लोगो को आरोपी बनाया गया है। चार्जशीट में उमर खालिद का नाम भी डाला गया है, मगर उसे चांदबाग हिंसा मामले में अभी आरोपी नहीं बनाया गया है। उमर खालिद को जल्द पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।


ताहिर हुसैन के भाई शाह आलम को भी आरोपी बनाया गया है। 1030 पन्नों की चार्जशाट में दिल्ली पुलिस ने कहा है कि दंगे के वक्त आरोपी ताहिर हुसैन अपने घर की छत पर था। ताहिर हुसैन पर दंगा कराने का आरोप लगाया गया है। इसके अलावा आरोप ये भी है कि ताहिर हुसैन ने ही दंगे करवाए। क्राइम ब्रांच को जांच के दौरान पता चला कि दंगा कराने के लिए आरोपी ताहिर हुसैन ने एक करोड़ 30 लाख रुपए भी खर्च किए। दिल्ली पुलिस ने अपनी चार्जशीट में कहा कि हिंसा से पहले आरोपी ताहिर हुसैन ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरकिता रजिस्टर (एनआरसी) के खिलाफ प्रदर्शन में शामिल लोगों से बातचीत की थी। 



चार्जशीट के मुताबिक, दिल्ली हिंसा की पूरी तैयारी पहले से की गई थी. ताहिर हुसैन ने लोगों से बात की थी और उसी वक्त तय किया गया था कि जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दिल्ली आएंगे तब दिल्ली में हिंसा कराई जाएगी। 

फरवरी में दिल्ली के चांद बाग, जाफराबाद, खजूरी खास, दयालपुर, गोकुलपुरी और भजनपुरा के कई हिस्सों में हिंसा भडक़ उठी थी, जिसमें 53 लोग मारे गए थे और अनेक लोग घायल हो गए थे। वहीं, आईबी अफसर अंकित शर्मा का शव 26 फरवरी को चांद बाग में एक नाले से बरामद किया गया था।

दिल्ली हिंसा से संबंधित मामलों में  700 से अधिक एफआईआर दर्ज की गई हैं और एसआईटी ने निलंबित पार्षद ताहिर हुसैन सहित 2,500 से अधिक लोगों को गिरफ्तार करने के साथ ही हिरासत में लिया था।
इस बीच, शाहरुख पठान के खिलाफ पहले ही चार्जशीट दायर की जा चुकी है, जिसने दिल्ली हिंसा के दौरान हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी। ज्ञात हो कि इस साल की शुरुआत में नागरिकता संशोधन कानून के विरोध उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भडक़ उठी थीं, जिसमें कम से कम 53 लोगों की मौत हो गई थी।